
Deoghar: आस्था के दरबार में उद्योग जगत का शिखर, गौतम अडानी ने बाबा वैद्यनाथ धाम में टेका मत्था
अडानी ग्रुप के संस्थापक व चेयरमैन गौतम अडानी ने बाबा वैद्यनाथ धाम के दरबार में पूजा-अर्चना की. इस बीच मंदिर परिसर में काफी चहल-पहल का माहौल रहा.



अडानी ग्रुप के संस्थापक व चेयरमैन गौतम अडानी ने बाबा वैद्यनाथ धाम के दरबार में पूजा-अर्चना की. इस बीच मंदिर परिसर में काफी चहल-पहल का माहौल रहा.

इस्लाम के पाक महीने की शुरुआत आज से हो चुकी है. पहला रोजा है आज, जिसकी खासियत को जानना बेहद आवश्यक है. भले आप किसी भी धर्म से ताल्लुक रखते हों.

कटिहार के मनसाही प्रखंड अंतर्गत मरंगी पंचायत के घासी टोला स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर 48 घंटे का हरेराम नाम संकीर्तन यज्ञ शांतिपूर्वक संपन्न हुआ. 551 कन्याओं की कलश यात्रा, रामलीला मंचन, मेला आयोजन और प्रशासनिक निगरानी के बीच हवन व प्रतिमा विसर्जन के साथ समापन हुआ.

सऊदी अरब में 17 फरवरी की रात रमजान का चांद दिखने के बाद पाक महीना रमजान की शुरुआत हो गई है. जहां सऊदी अरब में रोजा 18 फरवरी से रखा जाने लगा है, वहीं भारत में इसकी शुरुआत 19 फरवरी की शाम चांद निकलने के बाद से होगी.

विराट कोहली कुछ समय अंतराल पर वृंदावन जाकर संत प्रेमानंद जी महाराज से भेंट कर आते हैं. उनके भेंट की खबर और वीडियो दोनों वायरल रहती हैं. बता दें कि टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद भी दोनों ने प्रेमानंद जी से मुलाकात की थी.

गोला प्रखंड के बाबा बुढ़ा छतर धाम रायपुरा में महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर तैयारियां सम्पन्न कर ली गई हैं. बैठक में बताया गया कि दिन में पूजा-अर्चना आदि के पश्चात् रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराया जाना निश्चित कर दिया गया है.

गिरिडीह के सिहोडीह सिरसिया हनुमान मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शहर में भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया. जिसमें भक्तिभाव से सैकड़ों की संख्या में शामिल श्रद्धालुओं ने राम जी के जयकारे से मरोरम माहौल बना दिया.

2026 की हज यात्रा को लेकर कडरू स्थित हज हाउस में हस यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग एवं वैक्सीनेशन से संबंधित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया गया. स्वास्थ्य मंत्री ने हज यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग एवं वैक्सीनेशन को लेकर दिशा-निर्देश दिए.

झारखंड सरकार ने शब ए बारात पर्व को लेकर आज कार्यपालक आदेश के तहत अवकाश घोषित किया है. कार्मिक विभाग ने अवकाश से संबंधित अधिसूचना जारी की है. हालांकि, नगर निकाय चुनाव से जुड़ी सारी प्रक्रियायें और जैक की मैट्रिक बोर्ड तथा इंटर परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप होगी.

माघ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों, खासकर गंगा, यमुना, सरस्वती में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसी दिन कल्पवास का समापन भी होता है.

पूरे गिरिडीह जिले में सरस्वती पूजा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इन आयोजनों में एक प्रतिमा की हर कोई चर्चा कर रहा है, जिसमें केवल बांस का प्रयोग किया गया है. यहां तक की मां सरस्वती के वस्त्र भी बांस से ही बनाए गए हैं.

आज शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को बसंत पंचमी है. यह दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित होती है. बसंत पंचमी प्रत्येक वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है.

इस बार मकर संक्रांति या खिचड़ी का पर्व 15 जनवरी को मनाना शास्त्रसम्मत माना गया है. जबकि पंचांग के मुताबिक, मकर राशि में सूर्य आज यानी 14 जनवरी की रात करीब 9:35 बजे प्रवेश करेंगे.

झारखंड के सरायकेला में स्थित घोड़ा बाबा मंदिर अपने आप में एक अनोखा है. इस मंदिर में किसी देवी-देवता या भगवान की पूजा नहीं होती है बल्कि घोड़ा की पूजा अर्चना की जाती है. और प्रसाद के रुप में भी घोड़ा ही चढ़ाया जाता है. पढ़ें पूरी खबर...

नए साल के अवसर पर किसी को हिल स्टेशन जाना पसंद आता है, तो कोई अपने घर पर ही परिवार के साथ वक्त बिताना चाहता है. बात जब मंदिर आदि में विशेष कार्यक्रमों की आए और मौका हो नव वर्ष का तो पूजा पाठ में रूची रखने वालों के लिए साल का अंत और नए साल की शुरुआत करने का इससे इपयुक्त मौका फिर क्या हो सकता है!

बिहार के नवादा जिले के लोग सीतामढ़ी को ही सीता की निर्वासन स्थली मानते हैं. सीतामढ़ी और इसके आसपास उपलब्ध प्राचीन साक्ष्यों और गांवों के नाम इसका आधार है.

2 दिसंबर की शाम आपके लिए लेकर आया है कल यानी 3 दिसंबर 2025 का पूरा पंचांग. मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि में कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. पूजा-पाठ, दान-धर्म और नए कार्यों की शुरुआत के लिए कल का दिन अत्यंत मंगलकारी रहेगा.

कोहबर पूर्वी भारत की हिन्दू विवाह परंपरा का एक महत्वपूर्ण चरण है, जहाँ दुल्हन के घर तैयार किए गए विशेष कक्ष या चित्रों के सामने नवविवाहितों के सुखी दांपत्य की कामना की जाती है. सांस्कृतिक प्रतीकों, गीतों और सामूहिक भागीदारी से भरपूर यह रस्म सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का अनोखा उदाहरण है.

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में 25 नवंबर को भव्य ध्वजारोहण समारोह आयोजित होने जा रहा है. पूरे परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, नवग्रह पूजन और कलश यात्रा के साथ माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है. हजारों श्रद्धालु और गणमान्य अतिथि इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे.

19 नवंबर 2025 को पड़ रही मार्गशीर्ष अमावस्या को देव-पूजन, पितृ-तर्पण और लक्ष्मी साधना का अत्यंत शुभ योग माना गया है. आज के दिन विशेष रूप से धन, स्वास्थ्य और पारिवारिक समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना की जाती है. कई मंदिरों में सुबह से विशेष अनुष्ठानों की तैयारी शुरू हो चुकी है.

18 नवंबर 2025 को हिंदू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष मास की मासिक शिवरात्रि है. यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है. निशिता-काल (मध्यरात्रि) में पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है और इससे जीवन में शांति, समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति की कामना की जाती है.

आज के दिन पूरे देश के गुरुद्वारों को दीपों से सु-सज्जित किया जाता है और जगह-जगह पर सिख समुदाय के लोग लंगर के रुप में लोगों की सामूहिक सेवा करते हैं.

आज पूरे विश्व में रोमन कैथोलिक ईसाई समुदाय के लोग कब्र पर्व मना रहे है. आज के दिन समुदाय के लोग परिवार के पूर्वज और दिवंगत प्रियजनों को याद करते हैं और उनकी आत्मी की शांति के लिए विशेष प्रार्थना करते हैं. चर्च में विशेष प्रार्थना होने के बाद और शाम को वे कब्र के पास जमा होते है प्रार्थना करते हैं.

सिख समाज के संस्थापक गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व पर प्रभात फेरी निकाली गई. प्रभात फेरी शहर से गुजरते हुए बक्सीडीह में सिख परिवार के घर पहुंची, जहाँ भक्तों पर पुष्पवर्षा किया गयी. इस दौरान भक्तों के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई थी.

उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ आज लोक आस्था के महापर्व छठ का समापन हो गया. इसके साथ ही 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत भी संपन्न हो गया. व्रतियों ने आज पवित्र नदी, छठ घाटों और जलाशयों में पहुंचकर सूर्योदय के समय उगते हुए भगवान भास्कर (सूर्य देवता) को अर्घ्य दिया और अपने परिवार की सुख समृद्धि और संतान की लंबी आयु की कामना की.

28 अक्टूबर की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत विधान का समापन करेंगे. ज्योतिषीय गणना के अनुसार 28 अक्टूबर को सूर्योदय का समय प्रातः 6:10 बजे रहेगा. ‘भगवान भास्कर’ से परिवार के सुख, स्वास्थ्य, संतान की दीर्घायु और समृद्धि की कामना कर छठ व्रत संपन्न होगा.

गिरिडीह में छठ महापर्व की तीसरी शाम व्रतियों की भारी भीड़ छठ घाटों पर उमड़ी. अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया गया. महिलाओं ने लोकगीतों से माहौल भक्तिमय बनाया. सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही. घाटों की आकर्षक सजावट हुई. जेल की महिला कैदियों ने भी श्रद्धापूर्वक व्रत-विधान संपन्न किया.

कार्तिक शुक्ल षष्ठी को यानी आज छठ व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं और शाम के समय पवित्र नदी, तालाब, छठ घाटों में जाकर अस्तगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे. इस दौरान व्रती अपने परिवार और संतान के लिए कल्याण, सुख-समृद्धि की कामना करेंगे.

महापर्व छठ के मद्देनजर गिरिडीह के बाजारों में कई हिंदू संगठनों ने स्टॉल लगाए हैं, जिससे व्रतियों को सारी पूजन सामग्रियों की उपलब्धता आसानी से कराई जा सके.

चार दिवसीय छठ महापर्व का आज दूसरा दिन है, दूसरे दिन खरना पूजन का विधान है. इस दिन छठी मैया की विशेष पूजा, आह्वान और उनके लिए विशेष भोग प्रसाद बनाने की परंपरा है.

तीन दिनों तक के इस निर्जला व्रत में गिरिडीह की व्रतियां व श्रद्धालु भी रम चुके हैं. महापर्व से जुड़े क्रियाकलापों को लेकर लोगों में उत्साह की कोई कमी नजर नहीं आ रही. गांव से लेकर शहर तक के लोगों के उत्साह के कारण तीन दिनों तक के रौनक की शुरुआत हो चुकी है.

छठ पर्व में 4 दिन का विशेष महत्व होता है. जिसमें पहला दिन- नहाय खाय, दूसरे दिन- खरना, तीसरा दिन- भगवान भास्कर (सूर्य देवता) का संध्या अर्घ्य और चौथा दिन- उषा अर्घ्य यानी उगते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य दिया जाता है.

महापर्व छठ कल 25 अक्टूबर से नहाय-खाय के साथ शुरू हो जाएगा. इस पूजा का व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है. इसमें व्रती पूरे 36 घंटे का निर्जला उपवास करती हैं. और भगवान भास्कर और छठ मैय्या की पूजा-आराधना करती है. इस पर्व में दो बार (डुबते हुए और उगते हुए) सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.

देवघर में सिहोर वाले अंतरराष्ट्रीय कथावाचक प्रदीप मिश्रा जी महाराज की सात दिवसीय शिव कथा 14 से 20 नवंबर तक हथगढ़ मैदान में होगी. विट्ठल सेवा समिति के तत्वावधान में हो रहे इस आयोजन में किसी प्रकार का चंदा नहीं लिया जा रहा है. कथा का सीधा प्रसारण आस्था चैनल पर किया जाएगा.

गिरिडीह शहर के कई हिस्सों और मंदिरों में लोगों ने भगवान चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना की. इस दौरान बार एसोसिएशन में अधिवक्ताओं ने प्रतिमा स्थापित कर उनका आह्वान किया.

भाई दूज के पर्व को यम द्वितीया भी कहा जाता है, यह पर्व प्रत्येक साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है जो हर वर्ष दीपावली के पांचवें और अंतिम दिन मनाया जाता है. यह भाई-बहन के प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक है.

दीपावली बीतने के उपरांत महापर्व छठ की तैयारियां जोरों पर हैं. लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियों का जायजा लिया नगर विकास मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने.

दीवाली हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पूरे देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है इस बार अमावस्या की तिथि आज यानी 20 अक्टूबर है. इस दिन माता लक्ष्मी और गणेश देवता पूजन का विशेष महत्व है. मान्यता है कि दीवाली की अंधेरी रात में माता लक्ष्मी भूतल पर भ्रमण पर निकलती है और प्रत्येक घर में विचरण करती है.

राममंदिर बनने के बाद यह पहला मौका है, जब इतने बड़े पैमाने पर दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. 29 लाख दीयों से एक लया विश्व रिकॉर्ड पुन: स्थापित किए जाने की सर्वोत्तम व्यवस्था की जा चुकी है.

धनतेसर का पर्व प्रत्येक वर्ष कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है इस दिन माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा-अर्चना की जाती है, यह दिन पांच दिवसीय दिवाली त्यौहार का पहला दिन होता है इसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है.

बैठक में निर्णय लिया गया है कि फ्लाईओवर निर्माण की शुरुआत जल्द की जाएगी. साथ ही 46 लाख रूपये सफाई कार्य को लेकर आवंटित किए गए थे, इसकी भी जानकारी दी गई. बजट आवंटन दुर्गा पूजा से लेकर छठ तक के लिए किया गया है.

पूजन के दौरान एक लोटे में जल भी रखें, शाम को इसी जल को चंद्रमा को दिया जाता है. साथ ही पूजा करते समय करवा चौथ की व्रत की कथा आवश्य सुने.

महिलाएं लाल जोड़े में सज-धजकर पूजा करती है और शाम को करवा माता की पूजा और कथा सुनती हैं और इसके बाद वे चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और पति के हाथों से पानी पीकर अपना निर्जला व्रत पारण (तोड़ती) करती हैं.

मान्यता है कि कन्याओं में स्वयं मां देवी दुर्गा का वास होता है इस दिन कन्या पूजन के बाद उन्हें भोजन और उपहार देने से माता अति प्रसन्न हो जाती है और साधक को अपनी कृपा और उनके सभी कार्यों में सफलता प्रदान करती है

दशहरा एक महत्वपूर्ण पर्व है इसे गोरखा जवान उल्लास के साथ मनाते हैं आज फूलपाती यानी सप्तमी है फूलपाती एक निमंत्रण है इस दिन जवान देवी सरस्वती को लेकर जाते हैं और कत्यानी देवी को मनाकर लाते है.

बड़ा तालाब में भारी बारिश की वजह से पानी का स्तर काफी बढ़ गया है. माता दुर्गा के विसर्जन के दौरान किसी तरह की कोई घटना न हो, इसे लेकर रांची नगर निगम के कर्मियों द्वारा यहां मार्किंग किया जा रहा है.

पूजा में किसी तरह की कोई घटना या बड़ा हादसा न हो इसपर झारखंड पुलिस पूरी तरह से चौकस है. सुरक्षा की दृष्टि से इन शहरों में अतिरिक्त सुरक्षा बल को भी तैनात कर दिया गया है.

हिंदू धर्म शास्त्रों के मुताबिक, मां दुर्गा की चौथी स्वरूप मां कुष्मांडा सूर्यमंडल के भीतर के लोक में निवास करती हैं इस लोक में रहने की क्षमता और शक्ति सिर्फ मां कुष्मांडा में ही हैं जिससे उनके शरीर की कांति सूर्य के समान तेज है.

नवरात्रि, जो कि शक्ति की उपासना का पर्व है, नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है. नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है. यह दिन साधकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह आध्यात्मिक जागृति और आंतरिक शक्ति के विकास का प्रतीक माना जाता है.

माता की उपासना करने से भक्त में वैराग्य, त्याग, संयम और सदाचार जैसे गुण उत्पन्न होते हैं और भक्त चाहे कितनी भी बड़ी संकट क्यों न आ पड़े, माता के आशीर्वाद से वे अपने कर्तव्यों से विचलित नहीं होते है.

