मोतिहारी में सरला ब्रह्मा बाल विद्या मंदिर का 51वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न, बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
मोतिहारी में सरला वर्मा बाल विद्या मंदिर में 51वें स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस खास मौके पर स्कूली बच्चों द्वारा एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें नृत्य, संगीत, नाटक और देशभक्ति गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया.

Motihari (Bihar): शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सरला वर्मा बाल विद्या मंदिर में 51वें स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ किया गया. इस खास मौके पर स्कूल परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां रंग-बिरंगी लाइटों और सांस्कृतिक माहौल ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया.
कार्यक्रम का उद्घाटन मोतिहारी के कई गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. उद्घाटन के साथ ही पूरे माहौल में उत्सव की झलक साफ देखने को मिली. कार्यक्रम में शहर के शिक्षाविद, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे. इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें नृत्य, संगीत, नाटक और देशभक्ति गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया. 
बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर उपस्थित लोगों ने जमकर तालियां बजाईं और उनका उत्साहवर्धन किया. कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया. शिक्षा, खेलकूद और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर उनका हौसला बढ़ाया गया. इस दौरान अभिभावकों के चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था.
विद्यालय के निदेशक भूषण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि “आज से 51 वर्ष पूर्व हमारे दादाजी द्वारा इस विद्यालय की स्थापना की गई थी. उनके सपनों और मूल्यों को हम आज भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ा रहे हैं. कर्मनिष्ठा, ईमानदारी और रूहानी संलग्नता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए विद्यालय ने आज 51 वर्षों की सफल यात्रा पूरी की है.”
उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य सिर्फ शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना है, ताकि वे भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें. कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया और इस सफल आयोजन के लिए विद्यालय परिवार की सराहना की गई. कुल मिलाकर यह वार्षिकोत्सव कार्यक्रम शिक्षा, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम बनकर सामने आया, जिसने सभी के दिलों में एक खास छाप छोड़ दी.
रिपोर्ट- प्रतिक सिंह
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