'रात भर यहीं बैठेंगे!', BJP का कल 'रांची बंद' का ऐलान
पूरे इलाके में धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू है और वरिष्ठ अधिकारी छात्रों को समझा-बुझाकर धरना समाप्त कराने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, छात्रों के अड़ियल रुख और विपक्ष के बंद के आह्वान के बाद रांची में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

JPSC-JSSC Protest: राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब पूरी तरह से बेकाबू और ऐतिहासिक रूप ले चुका है। पुलिस की तमाम घेराबंदी, वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज को नाकाम करते हुए उग्र छात्र सुरक्षा चक्र को ध्वस्त कर सीधे झारखंड विधानसभा के मुख्य द्वार (मेन गेट) तक जा पहुंचे हैं। भारी पुलिस बल ने किसी तरह छात्रों को विधानसभा परिसर के अंदर प्रवेश करने से रोक रखा है, लेकिन आक्रोशित अभ्यर्थियों ने मुख्य द्वार पर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
रात भर गेट पर डटने का ऐलान, आर-पार के मूड में छात्र
विधानसभा के मुख्य द्वार पर जमे छात्रों ने आर-पार का रुख अपना लिया है। अभ्यर्थियों ने पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे अब पीछे हटने वाले नहीं हैं और पूरी रात विधानसभा के बाहर ही धरने पर बैठे रहेंगे। छात्रों का कहना है कि जब तक राज्य सरकार उनकी सभी मांगों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं कर लेती और लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक उनका यह धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को 'रांची बंद'
विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिसिया बल प्रयोग, आंसू गैस के गोलों और बर्बर लाठीचार्ज के खिलाफ विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों पर हुए इस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को 'रांची बंद' का आधिकारिक आह्वान किया है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि हेमंत सरकार अपनी विफलताओं और परीक्षाओं में हुए भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए अपने अधिकारों की मांग कर रहे युवाओं पर पुलिसिया जुल्म ढा रही है।
शहर में अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात
छात्रों के मुख्य द्वार पर डटने और मंगलवार को 'रांची बंद' के ऐलान के बाद पूरे रांची शहर में पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। विधानसभा परिसर के आसपास भारी संख्या में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। पूरे इलाके में धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू है और वरिष्ठ अधिकारी छात्रों को समझा-बुझाकर धरना समाप्त कराने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, छात्रों के अड़ियल रुख और विपक्ष के बंद के आह्वान के बाद रांची में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
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