मनरेगा पर हमला नहीं सहेंगे, गरीबों का हक नहीं छिनने देंगे- झारखंड का केंद्र को अल्टीमेटम
पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आज विधानसभा में स्पष्ट और सख्त शब्दों में केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य किसी भी कीमत पर मनरेगा के स्वरूप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा.

Jharkhand (Ranchi): झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आज विधानसभा में स्पष्ट और सख्त शब्दों में केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य किसी भी कीमत पर मनरेगा के स्वरूप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा. मंत्री ने सदन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित “विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – VB-GRAM G Act, 2025” दरअसल मनरेगा को कमजोर करने की दिशा में एक गंभीर कदम है, जो न केवल ग्रामीण गरीबों के रोजगार के अधिकार को प्रभावित करेगा बल्कि उनकी मजदूरी सुरक्षा और ग्राम सभाओं की संवैधानिक भूमिका को भी कमजोर करने का प्रयास है.
उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों के जीवनयापन, सम्मान और सुरक्षा की गारंटी है. ऐसे में इसके स्थान पर किसी नई व्यवस्था को लागू करना, बिना राज्यों की सहमति और व्यापक विचार-विमर्श के, लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है. मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत रोजगार की कानूनी गारंटी कमजोर होने का खतरा है, मजदूरी भुगतान और कार्य दिवसों की निरंतरता प्रभावित हो सकती है, और राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने की आशंका है.
उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा के तहत अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) एवं अन्य कमजोर वर्गों को जो सुरक्षा और अवसर प्राप्त हैं, वे इस नए कानून में कमजोर पड़ सकते हैं. ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इस कार्यक्रम को कमजोर करना सीधे तौर पर सामाजिक न्याय के खिलाफ होगा.
दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि मनरेगा के मौजूदा ढांचे को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए और इसे और सशक्त करते हुए 100 दिनों की जगह कम से कम 150 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों को स्थायी आर्थिक सुरक्षा मिल सके और मजबूरी में होने वाले पलायन को रोका जा सके.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मनरेगा पर कोई भी हमला, गरीबों के अधिकारों और उनके सम्मान पर सीधा प्रहार है. झारखंड इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा.”
झारखंड सरकार ने केंद्र को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह ग्रामीण श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यदि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करेगी.
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

चतरा में होमगार्ड बहाली पर बवाल: पत्थलगड्डा के अभ्यर्थियों ने समाहरणालय में किया हंगामा

गिरिडीह भाजपा ने मनाया पार्टी का स्थापना दिवस समारोह, मोदी-योगी सहित हिमंता के समर्थन में लगे नारे






