316 नव नियुक्त सहायक आचार्यों एवं 17 महिला पर्यवेक्षिकाओं को CM हेमंत सोरेन ने सौंपा नियुक्ति पत्र
आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नव नियुक्त इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य और स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया. सीएम ने कुल 316 नव नियुक्त सहायक आचार्यों एवं 17 महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा.

Ranchi News: रांची के धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन में आज नव नियुक्त इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए.


इस दौरान समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नव नियुक्त इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य और स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपा. समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कुल 316 नव नियुक्त सहायक आचार्यों एवं 17 महिला पर्यवेक्षिकाओं के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया.

मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नियुक्ति पत्र लेने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधार शिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्ता-पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है. राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था. नवनियुक्त कर्मी गांव-गांव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें. यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गांव-गांव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहती है. खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है. सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी.
पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियां बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है. वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियां की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं. ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है. यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा. मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके.
मंईयां सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है. वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पांच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियां आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुंच रही हैं. महिलाओं को मुख्य धारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है. अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था. आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है.
दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियां चुनौती-पूर्ण होंगी. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे. उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं. इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं. आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं. पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा. जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले. यही मेरी कामना है. आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं.
इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे.
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