राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती आज, राज्यपाल और CM हेमंत ने किया याद
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती आज देशभर में मनाई जा रही है जगह-जगह पर श्रद्धांजलि सभा और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है जहां दोनों महान सपूतों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है.

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Ranchi Desk: 2 अक्टूबर की तिथि प्रत्येक भारतीय के लिए बेहद ही खास दिन है. भारतीय इतिहास में यह दिन हमेशा के लिए अमर है. क्योंकि 2 अक्टूबर वहीं दिन है जब ब्रिटिश साम्राज्य और अंग्रेजों के गुलाम से भारत को मुक्त करने के सपनों को सच करने वाले महात्मा गांधी का जन्म हुआ था. इस दिन (2 अक्टूबर) को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के रुप में मनाई जाती है. इसके साथ ही आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जा रही है. वे भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे और देश की आजादी में उन्होंने काफी अहम भूमिका निभाई है. उनके द्वारा दिया गया नारा ''जय जवान जय किसान' आज भी लोगों को याद है इसका इस्तेमाल लोग हर वर्ष देश के राष्ट्रीय त्यौहार (गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस) में खूब करते है.
राज्यपाल संतोष गंगवार और सीएम हेमंत सोरेन ने दी किया नमन
पूरे देशभर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर मनाई जा रही है सभी जगहों पर श्रद्धांजलि सभा और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है जहां दोनों महान सपूतों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है. इधर, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान गांडेय विधायक कल्पना सोरेन मुर्मू भी मौजूद रही. मौके पर बापू वाटिका में टाना भगतों ने भी महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. गांधी गांधी के सिद्धांतों को मानने वाले टाना भगत परंपरागत वेशभूषा में बापू वाटिका पहुंचे, जहां उन्होंने बापू के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
गुजरात के पोरबंदर में हुआ था बापू का जन्म
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. उनके बचपन का नाम मोहनदास करमचंद गाधी था. उन्होंने अहिंसा के बल पर देश को आजादी दिलान में अपनी अहम भूमिका निभाई थी, इस वजह से गांधी जयंती को पूरे देश में बड़े पैमाने पर मनाई जाती है इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रुप में भी मनाया जाता है. गांधी ने अपना पूरा जीवन भेदभाव को हटाने और देश को आजाद कराने में लगा दिया था उनकी जयंती पर आज हम उनके महान विचारों को स्मरण करते हैं जिन्होंने पूरी दुनिया को अहिंसा और सत्य का मार्ग दिखाया है.
जब लाल बहादुर शास्त्री छोटे थे तभी पिता का हुआ था निधन
देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में एक कस्बे में हुआ था. वे जब छोटे ते तभी पिता ने दुनिया को अलविदा कर दिया था. अपनी मां के सानिध्य से उन्होंने अपने जीवन को काफी सरल और साधारण तरीके से शुरु किया और काफी कठिनाइयों को झेलते हुए वे भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जा कूदे. उन्होंने मात्र 16 साल की उम्र में असहयोग आंदोलन में हिस्सा लिया. कई सालों तक जेल में रहे लेकिन उनका प्रेम भारत माता के प्रति कभी कम नहीं हुआ. साल 1965 में हुए भारत-पाक युद्ध के दौरन लाल बहादुर शास्त्री भारत के प्रधानमंत्री थे. उनके नेतृत्व में भी पाकिस्तान को भारत ने करारी हार दिलाई थी. 1966 में ताशकंद समझौते पर उन्होंने हस्ताक्षर किए थ. इसका मुख्य उद्देश्य 1965 के युद्ध के बाद शांति बहाल करना था. उनके जीवन से जुड़ा यह एक ऐसा निर्णय था जिसे अक्सर याद किया जाता है.
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