Dhanbad के नए मेयर संजीव सिंह से जनता को उम्मीद- होगा पानी की समस्या का समूल निपटारा !
शनिवार की रात मतगणना के परिणाम की घोषणा के बाद धनबाद के नए मेयर का नाम चर्चा में है. वहीं नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह से धनबाद वासियों को उम्मीद है कि वे तेजी से बढ़ रहे जलापूर्ती की समस्या से जनता को निजात की ओर प्रमुखता से कदम बढ़ाएंगे.

Jharkhand (Dhanbad): झारखंड नगर निकाय चुनाव खत्म हो चुके हैं, परिणाम की घोषणा भी की जा चुकी है. इसके साथ ही धनबाद में भी संजीव सिंह को नया मेयर चुन लिया गया है. लेकिन बात यदि समस्या की की जाए तो उसपर गौर करना होगा कि नवनिर्वाचित मेयर जिले के समस्याओं का निवारण किस हद तक कर पाते हैं.
धनबाद की एक बड़ी आबादी पानी की किल्लत से परेशान है. कितने ही मेयर आए और चले गए, कितनी सरकारें बदल गई, लेकिन पानी की इस समस्या का समाधान नहीं निकाला जा सका.
लाइन में लगे मिलते हैं स्थानीय
धनबाद शहरी क्षेत्र के ढैया कोरंगा बस्ती में पानी की घोर समस्या रहती है. रोजाना सुबह के सात बजते ही महिला, पुरुष, बच्चे सभी के हाथों में बाल्टी देखी जा सकती है. सभी सुबह से ही पानी लेने के लिए लाइन में लगे मिलते हैं.
आधे घंटे तक ही मिलती है सप्लाई
जिला प्रशासन इस क्षेत्र के जल समस्या का समाधान तलाशने के लिए महज आधे घंटे के लिए पानी की सप्लाई देने का काम करती है. स्थानीय जनता को सिर्फ इन्हीं आधे घंटे के वक्त में अपने परिवार के लिए पानी इकट्ठा कर लेना होता है, नहीं तो माजरा यह कि प्यास लगे तो पानी ही न मिले.
जलापूर्ती को लेकर मारपीट
बस्ती के सैकड़ों लोगों के घरों में पानी पहुंचाने का सिर्फ यही उपाय ढूंढा है जिला प्रशासन ने कि आधे की सप्लाई दे दी जाती है. बहुत बार स्थानीय लोगों में पानी की इसी समस्या के कारण झगड़े भी हो जाते हैं, बात कई बार मारपीट तक पहुंच जाती है.
क्या मिल सकेगी ग्रामीणों को पानी की समस्या से निजात?
अब जब लोकप्रिय मेयर पदभार संभालने जा रहे हैं तो लोगों की निगाहें उन्हें पानी की इस सर्वव्यापी समस्या का समाधान ढूंढने वाले नेता के तौर पर देख रही है. देखना होगा कि ग्रामीणों की इस रोजाना की समस्या का समाधान निकालने के लिए मेयर संजीव सिंह क्या यत्न करते देखे जाते हैं. सवाल यह भी है कि इस ओर कुछ कदम उठाया जाता है या नहीं.
रिपोर्ट: राजू प्रसाद
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

तोहफे में झाड़ू लेकर भी.. क्यों खुश नजर आ रहीं रांची मेयर रोशनी खलखो

OBC आरक्षण के साथ पहली बार झारखंड में पंचायत चुनाव, तय समय पर चुनाव कराने की झारखंड सरकार की तैयारी






