तीर-धनुष लेकर माइंस में उतरे योगेन्द्र साव, मुआवजे की मांग पर आंदोलन तेज
हजारीबाग जिले के केरेडारी क्षेत्र में संचालित एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल माइंस में पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच जमीन और घर के मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद अब और तेज हो गया है.

JHARKHAND (HAZARIBAGH): हजारीबाग जिले के केरेडारी क्षेत्र में संचालित एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल माइंस में पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच जमीन और घर के मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद अब और तेज हो गया है. शनिवार को पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव तीर-धनुष लेकर माइंस क्षेत्र में उतर गए और अपने समर्थकों व रैयतों के साथ माइंस बंद करवा दी.
योगेन्द्र साव का कहना है कि कंपनी द्वारा जमीन और घर का उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है. इस मुद्दे पर लगातार आंदोलन चल रहा है, लेकिन अब तक न तो प्रशासन और न ही कंपनी की ओर से कोई ठोस वार्ता की पहल हुई है. वार्ता नहीं होने से नाराज होकर उन्होंने रैयतों और समर्थकों के साथ मिलकर माइंस का काम ठप करा दिया.
माइंस बंद होने से कंपनी के कामकाज पर असर पड़ा है और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है. आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से बातचीत नहीं होगी, तब तक आंदोलन यूं ही चलता रहेगा.
प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन अभी तक किसी आधिकारिक वार्ता की घोषणा नहीं हुई है. रैयतों का साफ कहना है- “मुआवजा हमारा हक है, इसे लेकर पीछे नहीं हटेंगे.”
समाचार लिखे जाने तक माइंस पूरी तरह बंद है.









