Bihar (Saharsa): सहरसा जिले के सौरबाजार थाना क्षेत्र में चार वर्षीय बच्ची को गोली लगने की घटना का पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है. इस संबंध में हेडक्वार्टर डीएसपी धीरेंद्र पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह करीब 9 बजे सौरबाजार थाना को सूचना मिली थी कि मधुरा वार्ड नंबर-05 में एक चार वर्षीय बच्ची के सिर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई. घायल बच्ची का इलाज सहरसा के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है.
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-01 के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया. पुलिस टीम तुरंत नर्सिंग होम पहुंची और परिजनों से पूछताछ के आधार पर सौरबाजार थाना कांड संख्या 83/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत मामला दर्ज किया गया.
एफएसएल टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक जांच की, ब्लड सैंपल संग्रह किए तथा आवश्यक साक्ष्य जुटाए. जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और गहन पूछताछ में यह सामने आया कि घटना बच्ची के पिता विकाश कुमार द्वारा हथियार से छेड़छाड़ के दौरान हुई फायरिंग में गोली लगने से हुई, जिससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई.
पुलिस ने अभियुक्त विकाश कुमार (पिता – सूर्यनारायण शर्मा), निवासी मधुरा वार्ड-05, थाना सौरबाजार, जिला सहरसा को गिरफ्तार कर लिया. उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 7.65 एमएम का देसी पिस्टल, मैगजीन सहित तथा दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए.
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि घटना के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश में खून के धब्बों को पानी से धोया गया था. पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई तेज कर दी है. सहरसा पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर मामले का सफल उद्भेदन कर लिया.
पुलिस ने भले बच्ची के पिता को गिरफ्तार कर लिया हो, लेकिन कुछ सवालों के जवाब मिलने अभी शेष हैं. अगर युवक बंदूक से छेड़छाड़ कर रहा था, तो उसने लापरवाही क्यों की. बच्ची उसके सामने हैं, इसका उसे ध्यान क्यों नहीं आया और उससे गोली क्यों चली? गनीमत कि बच्ची की जान बच गई, नहीं तो जान चली जाने पर इस अनहोनी का जिम्मेदार कौन होता? बच्ची का अपना बाप!
रिपोर्ट: इन्द्रदेव









