गिरिडीह कार्मेल स्कूल के छात्रों ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों संग बांटी खुशियां, गीत-संगीत और अपनापन से खिला माहौल
गिरिडीह के कार्मेल स्कूल के छात्रों ने शिक्षिका जोएस स्मार्ट के नेतृत्व में वृद्धाश्रम जाकर बुजुर्गों के साथ समय बिताया. उन्होंने भोजन कराया, कपड़े वितरित किए और कविताओं व गीतों से माहौल भावनात्मक बना दिया. बुजुर्गों ने भी शेरो-शायरी से छात्रों का स्वागत किया और उनसे मिलने आते रहने की अपील की.

NAXATRA NEWS
GIRIDIH: गिरिडीह के कार्मेल स्कूल के छात्रों की एक टीम ने शिक्षिका जोएस स्मार्ट के नेतृत्व में शुक्रवार को स्थानीय वृद्धा आश्रम पहुंचकर बुजुर्गों संग अपनापन साझा किया. इस दौरान छात्रों ने वहां मौजूद 30 से अधिक वृद्धों को भोजन कराया, कपड़े वितरित किए और उनसे जीवन के अनुभव सुने.

कार्यक्रम की शुरुआत कवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों “बागों में कलियाँ रहेंगी, तो फूल खिलेंगे ज़रूर, ज़िंदगी रही तो दुबारा मिलेंगे ज़रूर” से हुई, जिसे छात्रों ने गुनगुनाकर माहौल को भावनात्मक बना दिया. वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों ने भी छात्रों का स्वागत अपने अंदाज़ में किया. गीत-संगीत, शेरो-शायरी और आत्मीय शब्दों से.
कई बुजुर्गों ने बताया कि बेटे-बहुएं और पोते-पोतियां अब मिलने नहीं आते, पर छात्रों की यह पहल उन्हें अपनेपन का अहसास दिला गई. एक वृद्ध लखन राम ने कहा, “आप आए, तो लगा हमारे उदास जीवन में बहार आ गई.”

छात्रों ने उनसे उनके जीवन की मजबूरियों, यादों और खुशियों के बारे में जाना. उन्होंने वादा किया कि वे भविष्य में भी उनसे मिलने आते रहेंगे, ताकि वे कभी अकेला महसूस न करें.
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