BIHAR (SAHARSA): सहरसा नगर निगम के सफाईकर्मियों की हड़ताल नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद खत्म हो गई. सहरसा नगर निगम के सफाईकर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार से सांकेतिक हड़ताल पर चले गए थे. सफाईकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. हड़ताल के पहले ही दिन शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में कचरे का अंबार लग गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
सफाईकर्मियों का आरोप था कि उन्हें नियमित रूप से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है और न ही उनके मासिक मानदेय में किसी प्रकार की वृद्धि की गई है. उनकी प्रमुख मांगों में हर महीने की 5 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करना, मासिक मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये करना तथा पिछले दो वर्षों से लंबित ईपीएफ राशि का तत्काल भुगतान शामिल है.
नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद टूटी हड़ताल
शुक्रवार से ही सफाईकर्मियों ने नगर निगम परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया. आज सफाईकर्मी संघ के सहरसा जिला अध्यक्ष रामचंद्र मलिक ने बताया कि नगर आयुक्त द्वारा सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है. उन्होंने कहा कि सफाईकर्मियों द्वारा उठाई गई सभी मांगों को 16 जनवरी को होने वाली बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से पास किया जाएगा.
वहीं, ईपीएफओ राशि को लेकर नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने कहा कि एक माह पूर्व ही सभी कर्मियों को केवाईसी कराने के लिए कहा गया था और इसके लिए जल्द ही कैंप भी लगाया जाएगा. इस मौके पर नगर आयुक्त के साथ डिप्टी मेयर गोलू यादव भी मौजूद रहे. नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद सफाईकर्मियों ने अपनी सांकेतिक हड़ताल समाप्त कर दी.
सफाईकर्मियों ने 16 जनवरी तक का दिया अल्टीमेटम
हालांकि, सफाईकर्मियों ने साफ चेतावनी दी है कि यह हड़ताल केवल आश्वासन के आधार पर खत्म की गई है. यदि 16 जनवरी तक उनकी मांगों का निष्पादन नहीं हुआ तो वे फिर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. ऐसे में आने वाले दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था और अधिक चरमराने की आशंका बनी हुई है.








