UP स्पेशल टास्क फोर्स के हत्थे चढ़ा नवादा का कुख्यात डकैत, 20 लाख नकद और 1 किलो सोना बरामद
24 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे हथियारबंद बदमाशों ने हजारीबाग के बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में धावा बोल दिया था. बदमाशों ने कर्मचारियों को बंधक बनाकर कैश और स्ट्रॉन्ग रूम में रखे करीब 4 किलो सोने के आभूषण लूट लिए थे.

Nawada, Bihar: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की वाराणसी यूनिट को बड़ी सफलता हाथ लगी है. झारखंड के हजारीबाग में 24 अप्रैल 2026 को हुई करोड़ों रुपये की बैंक डकैती का खुलासा करते हुए एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, बिहार नंबर की एक स्कॉर्पियो और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, यह सभी सामान हजारीबाग स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा से लूटा गया था.
मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई
एसटीएफ को मिली सटीक सूचना के आधार पर वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर इलाके में 1 मई 2026 को छापेमारी की गई. इस दौरान तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया. बताया जा रहा है कि आरोपी वाराणसी में छिपे हुए थे और दिल्ली भागने की फिराक में थे.
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों में मो. अफजल (निवासी नरहट, नवादा, बिहार) को गिरोह का सरगना बताया गया है. वह झारखंड के धनबाद में कोयला कारोबार से जुड़ा रहा है. इसके अलावा पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह (गोरखपुर) और सौरभ यादव उर्फ सोनू (मऊ) को भी गिरफ्तार किया गया है.
दिनदहाड़े हुई थी बैंक डकैती
24 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे हथियारबंद बदमाशों ने हजारीबाग के बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में धावा बोल दिया था. बदमाशों ने कर्मचारियों को बंधक बनाकर कैश और स्ट्रॉन्ग रूम में रखे करीब 4 किलो सोने के आभूषण लूट लिए थे.
रैकी के बाद बनाई योजना
जांच में सामने आया है कि गिरोह ने वारदात से पहले कई दिनों तक बैंक की रेकी की थी. आरोपी ऐसे बैंकों को निशाना बनाते थे जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर और भीड़ कम होती थी. व्हाट्सएप के जरिए लगातार संपर्क में रहकर पूरी योजना तैयार की गई थी.
डकैती के बाद बिहार में बंटवारा
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गया पहुंचे, जहां लूट के माल का बंटवारा किया गया. इसके बाद सभी वाराणसी आ गए और यहां से फरार होने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
जेल से शुरू हुआ था गिरोह
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सरगना मो. अफजल पहले हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है. जेल में ही उसकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई, जिसके बाद बाहर आकर सभी ने मिलकर संगठित गिरोह बना लिया.
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
आरोपियों ने पूछताछ में पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और बिहार समेत कई राज्यों में बड़ी लूट की घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की है. पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास की गहराई से जांच कर रही है.
आगे की कार्रवाई
फिलहाल तीनों आरोपियों को सारनाथ थाने में रखा गया है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई झारखंड पुलिस द्वारा की जाएगी.
Report By - Sonu Singh
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