मोतिहारी बना मिसाल: एसपी स्वर्ण प्रभात की पहल से लाइब्रेरी आंदोलन को मिली नई रफ्तार
लायंस क्लब के सहयोग से बना वातानुकूलित अत्याधुनिक भवन, शहीद आईपीएस प्रकाश लोहिया की स्मृति को किया गया समर्पित

Motihari, Jharkhand: मोतिहारी में शिक्षा और समाज के बीच पुलिस की सकारात्मक भूमिका का एक और उदाहरण सामने आया है. पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की विशेष पहल पर शुरू हुई पुलिस-पब्लिक लाइब्रेरी अब लगातार विस्तार की ओर बढ़ रही है. छात्रों की बढ़ती संख्या और उनकी जरूरतों को देखते हुए लायंस क्लब ऑफ मोतिहारी के सहयोग से एक नए एवं आधुनिक लाइब्रेरी भवन का निर्माण कराया गया, जिसका उद्घाटन मोतिहारी विधायक प्रमोद कुमार, साइबर थाना के एएसपी प्रीतेश कुमार औऱ इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया.
पुलिस-पब्लिक लाइब्रेरी ने बनाई राज्य भर में पहचान
गौरतलब है कि एसपी स्वर्ण प्रभात की पहल पर शुरू हुई पुलिस-पब्लिक लाइब्रेरी ने न केवल जिले में बल्कि पूरे बिहार में अपनी अलग पहचान बनाई थी. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए यह लाइब्रेरी उम्मीद और सफलता का केंद्र बन चुकी है. छात्रों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे अब मूर्त रूप दे दिया गया है.
नया लाइब्रेरी भवन IPS प्रकाश लोहिया को समर्पित
नवनिर्मित भवन को शहीद आईपीएस अधिकारी प्रकाश लोहिया की स्मृति को समर्पित किया गया है. आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन में वातानुकूलित अध्ययन कक्ष, हाई-स्पीड वाई-फाई, 24 घंटे बिजली-पानी की व्यवस्था तथा शांत एवं अनुशासित अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया गया है. बताया गया कि शहीद आईपीएस प्रकाश लोहिया के परिजनों ने इस भवन के निर्माण में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है.

छात्रों की लाइब्रेरी की ओर बढ़ी है रुची
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार में पहली बार मोतिहारी में पुलिस-पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना हुई थी, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की. उन्होंने कहा कि छात्रों की बढ़ती संख्या के कारण दूसरे भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो आज पूरी हो गई है. उन्होंने विश्वास जताया कि इस लाइब्रेरी में अध्ययन करने वाले छात्र शहीद आईपीएस प्रकाश लोहिया के जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य को हासिल करेंगे.
पुलिस और समाज के बीच की पटेगी दूरी
यह पहल केवल एक लाइब्रेरी का विस्तार नहीं, बल्कि पुलिस और समाज के बीच विश्वास, सहयोग और शिक्षा के माध्यम से भविष्य निर्माण की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. मोतिहारी पुलिस की यह पहल अब पूरे बिहार के लिए एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है, जहां कानून-व्यवस्था के साथ-साथ युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान दी जा रही है.
(मोतिहारी से प्रतीक सिंह की रिपोर्ट)
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