असम वायुसेना विमान हादसे में बुझ गया घर का इकलौता चिराग, चंद रोज पहले छुट्टी से ड्यूटी पर लौटा था दानिश
भोजपुर के रहने वाले दानिश ने कुछ दिनों पहले ही छुट्टी के बाद वापस ड्यूटी जॉइन की थी. अपने इकलौते पुत्र 22 साल के अग्निवीर दानिश आलम से घर की बेहतरी की आस लगाए बैठे थे इनके माता-पिता.

Assam IAF Plane Crash: असम के जोरहाट में वायुसेना का AN-32 विमान हादसे में बिहार के भोजपुर जिले के वायु अग्निवीर दानिश आलम शहीद हो गए. 22 वर्षीय दानिश कोईलवर प्रखंड के कायमनगर गांव के निवासी थे. हादसे की खबर से पूरे गांव और परिवार में शोक की लहर है.
अपने घर में इकलौते पुत्र थे दानिश
इस विमान हादसे में दानिश के साथ चार अन्य जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गए हैं. दानिश आलम (22 वर्ष), कायमनगर निवासी मो. फारूक आलम के इकलौते पुत्र थे. वह अक्टूबर 2025 में वायु अग्निवीर के रूप में सेवा में शामिल हुए थे.
चंद रोज पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे
उनकी पहली पोस्टिंग असम के जोरहाट में हुई थी परिजनों के अनुसार दानिश 23 मई 2026 को छुट्टी में घर आए थे और 30 मई को वापस जोरहाट के लिए रवाना हुए थे. इसके बाद हादसे की खबर मिलने से परिवार में कोहराम मच गया. बताया जाता है कि दानिश ने 29 जून 2025 को एयर फोर्स स्टेशन बिहटा में जॉइन किया था और 3 जुलाई को प्रशिक्षण के लिए बेलगांव, कर्नाटक गए थे. प्रशिक्षण के बाद उनकी तैनाती असम के जोरहाट में हुई थी.
माता-पिता थे घर की बेहतर स्थिति की आस में
दानिश की माता अख्तरी बेगम और दो बड़ी बहनें शगुफ्ता परवीन व गजाला परवीन हैं. पिता मो. फारूक आलम एचपीसीएल गीधा में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं. परिजनों ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. बेटे की नौकरी लगने के बाद पिता को परिवार की बेहतर स्थिति की उम्मीद थी, लेकिन हादसे की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. दानिश के शहीद होने की सूचना के बाद कायमनगर गांव में मातम पसरा हुआ है. लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं.
(भोजपुर से नेहा गुप्ता की रिपोर्ट)
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