गिरिडीह में कुदरत का क़हर, दो अलग-अलग गांवों में वज्रपात से 9 की मौत, 2 गंभीर ; एक ही परिवार के 3 बच्चों ने गंवाई जान
गिरिडीह के देवरी थाना क्षेत्र के दो गांवों में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।


GIRIDIH: झारखंड के गिरिडीह से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देवरी थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में गिरी आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। वज्रपात की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत कुल नौ लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। इस खौफनाक हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आहर के पास बैठे थे दोस्त, अचानक गिरी मौत बनकर बिजली
हादसे की पहली बड़ी घटना देवरी के देवपहाड़ी इलाके में हुई। यहां देवपहाड़ी स्थित गोसांई आहर के पास पांच किशोर आपस में बैठकर बातचीत कर रहे थे। तभी अचानक मौसम बदला और कड़कड़ाती हुई बिजली सीधे उन्हीं के ऊपर आ गिरी। वज्रपात इतना भीषण था कि पांचों लड़के मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े।
आनन-फानन में स्थानीय लोग उन्हें अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने चार किशोरों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में एक ही परिवार के तीन बच्चे अर्जुन कुमार साव (17 वर्ष), विष्णुदेव साव (13 वर्ष) और गजेंद्र साव (15 वर्ष) शामिल हैं। इनके अलावा बिलोटांड़ गांव के रहने वाले 18 वर्षीय कुश कुमार की भी जान चली गई। इसी हादसे में 17 वर्षीय उमेश यादव गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
खेत में काम कर रहे किसान की भी गई जान
वज्रपात का दूसरा कहर इसी थाना क्षेत्र के बांसडीह गांव स्थित तिलयडीह टोला में टूटा। यहां 40 वर्षीय संतोष तिवारी अपने खेत में धान का बिचड़ा डाल रहे थे। इसी दौरान वह अचानक वज्रपात की चपेट में आ गए। परिजन उन्हें बेहोशी की हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वहीं, बांसडीह के चांगचाचो टोला निवासी विक्रम तिवारी भी बिजली की चपेट में आकर घायल हो गए। हादसे में घायल उमेश यादव और विक्रम तिवारी का इलाज फिलहाल जलखरियोडीह के एक निजी अस्पताल में जारी है।
गांवों में पहुंचे नेता, विधायक बोलीं- चोरी हो गए तड़ित चालक
घटना की सूचना मिलते ही जमुआ की विधायक मंजू कुमारी, मंडल अध्यक्ष पंकज राम और भाजपा नेता वीरेंद्र तिवारी समेत कई जनप्रतिनिधि तुरंत देवपहाड़ी गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया।
इस दौरान विधायक मंजू कुमारी ने कहा कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए गांव-गांव में तड़ित चालक लगाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने अफसोस जताते हुए यह भी कहा कि केंद्र सरकार की ओर से स्कूलों में तड़ित चालक लगवाए गए थे, लेकिन कुछ लोगों ने उन्हें भी चोरी कर लिया।

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