झारखंड में कानून-व्यवस्था पर सवाल!, चतरा में कथित अपहरण और दुष्कर्म के बाद मॉब लिंचिंग, पुलिस की मौजूदगी पर विवाद
आरोप लग रहे हैं कि भीड़ द्वारा यह क्रूरता मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ही होती रही। हालांकि, टंडवा के SDPO प्रभात रंजन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। SDPO ने अपनी सफाई में स्पष्ट किया कि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही आक्रोशित भीड़ युवक पर जानलेवा हमला कर चुकी थी

Chatra Mob Lynching: झारखंड के चतरा जिले से एक बेहद ही खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म की घटना से आक्रोशित भीड़ ने एक युवक को मौत के घाट उतार दिया। भीड़ ने मोहम्मद इमरोज़ नाम के इस युवक को लाठी-डंडों और पत्थरों से इतनी बेरहमी से पीटा कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस भयानक मॉब लिंचिंग की घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव और सनसनी का माहौल है, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
शौच के लिए निकली बच्ची के साथ दरिंदगी का आरोप
घटना की शुरुआत एक दिन पहले हुई जब गांव की एक नाबालिग लड़की घर से बाहर शौच के लिए गई थी। आरोप है कि इसी दौरान उसे अगवा कर लिया गया और उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। जब डरी-सहमी बच्ची किसी तरह अपने घर लौटी और उसने परिजनों को पूरी आपबीती बताई, तो गांव वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस घिनौनी वारदात का आरोप गांव के ही युवक मोहम्मद इमरोज़ पर लगा।
आक्रोशित भीड़ ने घर से निकालकर सड़क पर घसीटा
बच्ची की बात सुनते ही आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ ने आरोपी मोहम्मद इमरोज़ के घर को चारों तरफ से घेर लिया। गुस्साए लोगों ने युवक को घर से बाहर निकाला और सड़क पर घसीटते हुए ले गए। इसके बाद भीड़ ने लाठी, डंडों और पत्थरों से उस पर जानलेवा हमला कर दिया। इस खौफनाक घटना का एक Video भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि भीड़ ने आरोपी के पिता को भी नहीं बख्शा और उन्हें एक खंभे से बांधकर बुरी तरह पीटा।
पुलिस की मौजूदगी पर उठे सवाल?
इस पूरी घटना में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि भीड़ द्वारा यह क्रूरता मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ही होती रही। हालांकि, टंडवा के SDPO प्रभात रंजन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
SDPO ने अपनी सफाई में स्पष्ट किया कि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही आक्रोशित भीड़ युवक पर जानलेवा हमला कर चुकी थी। पुलिस ने जैसे-तैसे कड़ी मशक्कत के बाद अधमरे युवक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और तुरंत इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
फिलहाल घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बड़गांव और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। पुलिस अब मॉब लिंचिंग और दुष्कर्म, दोनों मामलों की गहराई से जांच कर रही है।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

गिरिडीह में कुदरत का क़हर, दो अलग-अलग गांवों में वज्रपात से 9 की मौत, 2 गंभीर ; एक ही परिवार के 3 बच्चों ने गंवाई जान

बीमा कंपनी की मनमानी पर कंज्यूमर कोर्ट का चाबुक, अब मृतक किसान की पत्नी को देने होंगे ₹6.50 लाख







