Bihar सरकार में Nishant Kumar को मिल सकती है पार्टी की कमान, कितनी योग्यता.. कितना परिवारवाद !
बिहार की राजनीति में अचानक आए नीतीश के दिल्ली कूच के फैसले के बाद अब निशांत कुमार को लेकर चर्चाएं तेज हैं. निशांत को नए सरकार के गठन पर पार्टी की कमान देने की बात की जा रही है.

Bihar Politics: बिहार की राजनीति ने एक नया मोड़ ले लिया है. गुरुवार को नीतीश कुमार ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स के जरिए जानकारी दी कि वह राज्यसभा सदस्यता के लिए नामांकन दाखिल करने वाले हैं. साथ ही उनके बेटे निशांत कुमार की भी राजनीति में इंट्री करा दी गई है. नीतीश कुमार के उक्त फैसले से जेडीयू कार्यकर्ताओं में जबरदस्त रोष देखने को मिला. सभी नीतीश को ही अपना सीएम देखना चाहते हैं. जानकारी के अनुसार अब बात की जा रही है कि शायद नई सरकार के गठन के बाद नीतीश के बेटे को ही सरकार के अंदर पार्टी का नेतृत्वकर्ता घोषित कर दिया जाए.
पार्टी की कमान के लिए योग्यता
गौरतलब है कि निशांत कुमार चूंकि सीएम (पूर्व) नीतीश कुमार के बेटे हैं, जिस नाते स्वत: उन्हें राजपाट का ज्ञान अच्छा-खासा मिल चुका होगा. उनका हालांकि व्यक्तिगत अनुभव अभी कच्चा है, क्योंकि उन्होंने बचपन से सिर्फ अपने पिताजी के शासन-कार्य को दूर से ही देखा है, जिया नहीं है. ऐसे में उन्हें डिप्टी सीएम पद दिए जा सकने की बात कितनी योग्य और सही साबित होगी, ये देखने योग्य विषय है. विश्लेषकों की मानें तो निशांत पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं.
पीएम मोदी के पोस्टर पर पोता कालिख
उधर पटना में जेडीयू के नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर पर कालिख पोता. नीतीश कुमार के फैसले का विरोध किया. बता दें कि बीते गुरुवार (5 मार्च, 2026) को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने के लिए नामांकन किया था. इसके बाद से ही जेडीयू के कार्यकर्ताओं में नाराजगी दिख रही है. कार्यकर्ता इसे साजिश बता रहे हैं. नीतीश कुमार को इस फैसले को वापस लेने के लिए कह रहे हैं.
उधर विपक्ष भी सवाल उठा रहा है. आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, "सच सामने आ गया है! नीतीश कुमार जी ने स्वेच्छा से नहीं, बल्कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के भारी दबाव में इस्तीफा देकर राज्यसभा का नामांकन किया है. चुनाव में बीजेपी और जेडीयू का वादा था '25 से 30, फिर से नीतीश', लेकिन पहले ही बजट सत्र में, मात्र 3 महीने के अंदर बीजेपी ने उन्हें 'फिनिश' कर दिया."
कौन होगा बिहार का अगला सीएम?
बिहार के कई वरिष्ठ पत्रकारों की मानें तो सम्राट चौधरी सीएम पद के लिए एक प्रबल दावेदार हो सकते हैं.
कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सम्राट चौधरी को पसंद करते हैं, जातीय समीकरणों को भी देखा जाए तो सम्राट चौधरी एक सुरक्षित विकल्प हैं. बिहार में पिछड़ी जातियों में यादव और कोइरी-कुर्मी सबसे प्रभावशाली जातियां हैं. कोइरी-कुर्मी नीतीश कुमार के कोर वोटर रहे हैं. तो उन्हें तुरंत नाराज करने का रिस्क कोई नहीं उठाना चाहेगा. ऐसे में अगर मुख्यमंत्री कोइरी जाति से ताल्लुक रखने वाले सम्राट चौधरी को बनाया जाएगा, तो डिप्टी सीएम कुर्मी और अगड़ी जाति का होगा.
लेकिन इस बात को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता कि बीजेपी चौंकाने वाले फैसले के लिए जानी जाती है.
कौन हैं निशांत कुमार?
निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1975 को हुआ था. वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पत्नी मंजू सिन्हा के बेटे हैं. वह परिवार के इकलौते बेटे हैं. निशांत की मां मंजू सिन्हा पेशे से एक स्कूल टीचर थीं. साल 2007 में उनका निधन हो गया था. मां के निधन के बाद निशांत ने खुद को काफी हद तक सार्वजनिक जीवन से दूर ही रखा. नीतीश कुमार जहां बिहार की राजनीति में बड़े नेता माने जाते हैं, वहीं उनके बेटे निशांत हमेशा कम बोलने और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. वह मीडिया और राजनीति की हलचल से अक्सर दूर ही रहे हैं.
पटना से मसूरी तक हुई पढ़ाई
निशांत कुमार की शुरुआती पढ़ाई पटना में हुई. उन्होंने पटना के सेंट कैरन स्कूल से अपनी शुरुआती शिक्षा ली. इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए मसूरी चले गए. वहां उन्होंने मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई की. यह स्कूल देश के अच्छे स्कूलों में माना जाता है. इसके अलावा उन्होंने पटना के केंद्रीय विद्यालय में भी कुछ समय तक पढ़ाई की. इस तरह उनकी स्कूली पढ़ाई अलग-अलग शहरों के अच्छे स्कूलों में हुई.
6 मार्च की शाम तक हो जाएगा स्पष्ट
मुख्यमंत्री की रेस में नित्यानंद राय, विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, संजीव चौरसिया, प्रमोद चंद्रवंशी, रामकृपाल यादव, जनक राम जैसे लोगों का भी नाम लिया जा रहा है और साथ ही चर्चा निशांत कुमार के डिप्टी सीएम बनने की भी है, तो इसमें कितनी सच्चाई है? यह शायद आज शाम तक स्पष्ट कर दिया जाएगा.
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

Assam: गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में CM हेमंत सोरेन ने की पूजा-अर्चना

मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से अब तक 10 लोगों की मौत






