Jharkhand (Ranchi): झारखंड विधानसभा पूरी तरह से डिजिटल होने जा रही है. अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए झारखंड विधानसभा के सारे कार्यों को अब पेपरलेस किया जा रहा है. देश के 21 विधानसभा वर्तमान में पेपरलेस हैं. जिनमें अब झारखंड भी शामिल होने वाला है. राज्य विधानसभा की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NEVA) की शुरुआत की की गई है.
CM ने किया एप्लीकेशन का उद्घाटन
देश भर के सभी विधानसभाओं को एक साथ जोड़ने के लिए भारत सरकार द्वारा इस पहल की शुरुआत की गई थी. जिसके जरिए अब इससे जोड़े गए सारे काम कागज की बजाए कंप्यूटरीकृत कर दिए जाएंगे. झारखंड की बात करें तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन का उद्घाटन किया गया.
विधायकों में हुआ टैब वितरण
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा झारखंड विधानसभा के विधायकों को टैब उपलब्ध कराया गया. बताया गया कि अब विधायकगण टैबलेट से घर बैठे शून्यकाल की नोटिस जमा कर सकेंगे. मंत्रियों की प्रतिक्रिया रही कि अब विधायकों के लिए काम बहुत आसान हो जाएगा और इससे राज्य की उन्नति को और बढ़ावा मिल सकेगा. नई व्यवस्था से विधायकों में उत्साह भी देखने को मिला.
दी जाएगी उपयोग करने की ट्रेनिंग
हालांकि विधायकों को अभी ट्रेनिंग दी जाएगी, उन्हें बताया जाएगा कि इस एप्लीकेशन का प्रयोग कैसे करना है. जिससे पेपरलेस विधानसभा की कार्यवाही का पूरा स्वरूप सामने आ सके और शत् प्रतिशत विधान एप्लीकेशन से विधायक काम कर सके.
बीजेपी ने की तारीफ, सवाल भी उठाए
नेशनल ई विधान एप्लीकेशन को लेकर के भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू ने तारीफ जरूर की है. लेकिन उन्होंने सवाल भी उठाया है कि निश्चित तौर पर मुख्यमंत्री यहां तो डिजिटल व्यवस्था की बात करते हैं लेकिन बात निगम चुनाव की आती है तो वहां बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की बात कहते हैं.
उम्मीद जताई जा रही है कि आंशिक तौर पर 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से इसकी शुरुआत हो जाएगी.
Report: Navin









