Bihar (Motihari): होली पर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. त्योहार के मद्देनजर लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में शुक्रवार को मोतिहारी शहर के चर्चित अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट के दो अलग-अलग प्रतिष्ठानों में एक साथ छापेमारी की गई. कार्रवाई के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर एक रेस्टोरेंट के मिठाई निर्माण कारखाने को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया.
यह छापेमारी प्रभारी सदर एसडीओ अरुण कुमार और डीएसपी प्रियंका कुमारी के नेतृत्व में की गई. टीम के साथ खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी और पुलिस बल भी मौजूद थे.
कारखाने में गंदगी का अंबार
जांच के दौरान जब टीम मिठाई निर्माण स्थल पर पहुंची तो वहां साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब पाई गई. कारखाने में चारों ओर गंदगी फैली हुई थी और स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था. मिठाई बनाने में उपयोग किए जा रहे कच्चे माल की गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई. अधिकारियों के अनुसार, कई सामग्री पुरानी और बासी प्रतीत हो रही थी.

दूसरे आउटलेट में मिला पुराना चिकन
इसी नाम से संचालित दूसरे रेस्टोरेंट में भी जब जांच की गई तो वहां स्टॉक में रखा चिकन ताजा नहीं पाया गया. टीम ने तत्काल संबंधित खाद्य सामग्री का सैंपल लिया और उसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी मिल चुकी थीं कमियां
प्रभारी एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि उक्त प्रतिष्ठान में पूर्व में भी जांच के दौरान खामियां पाई गई थीं और सुधार के निर्देश दिए गए थे. बावजूद इसके, स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. इसे गंभीरता से लेते हुए इस बार सख्त कदम उठाया गया और मिठाई कारखाने को सील कर दिया गया.
उन्होंने कहा कि होली जैसे बड़े त्योहार में मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में यदि कोई भी प्रतिष्ठान गुणवत्ता और स्वच्छता से समझौता करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
जिलेभर में जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और मांस विक्रेताओं की नियमित जांच की जाएगी. खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बासी या संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.








