जमुआ किशोर अपहरण मामला: परिजनों की डांट से बचने के लिए रची थी झूठी कहानी, जांच में खुलासा
गिरिडीह के जमुआ में किशोर सूरज हाजरा के अपहरण का मामला पूरी तरह फर्जी निकला। पुलिस जांच में किशोर ने स्वीकार किया कि घर लौटने में देरी होने पर परिजनों की डांट से बचने के लिए उसने अपहरण की मनगढ़ंत कहानी गढ़ी थी।

Giridih, Jharkhand: जमुआ थाना इलाके के नारोबाद गांव के किशोर सूरज हाजरा के अपहरण का सनसनीखेज मामला महज एक नाटक निकला। बुधवार को जब नक्षत्र न्यूज में खबर प्रकाशित हुई तो पुलिस भी ने भी मामला गंभीर देखते हुए इसकी जांच शुरू की। SDPO राजेंद्र प्रसाद और थाना प्रभारी विभूति देव ने मामले की गंभीरता से जांच की और किशोर के घर पहुंचकर पूछताछ की, तो सच्चाई सामने आ गई।
किशोर सूरज हाजरा ने अपने बड़े भाई बसंत और पुलिस अधिकारियों के समक्ष कबूल किया कि उसके साथ अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई थी। उसने बताया कि घर लौटने में काफी देर हो गई थी और उसे डर था कि परिजन उसे डांटेंगे, इसी डांट से बचने के लिए उसने बोरे में बंद कर ले जाने वाली अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया है।
(गिरिडीह से मनोज कुमार पिंटू की रिपोर्ट)
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