मोतिहारी में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर सील, मृत डॉक्टर के नाम पर 2 साल से चल रहा था खेल!
सिविल सर्जन कार्यालय से कुछ ही दूरी पर चल रहा था फर्जीवाड़ा, छापेमारी में महिला का अल्ट्रासाउंड करते पकड़ा गया सेंटर

Motihari, Bihar: मोतिहारी में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. प्रभारी सिविल सर्जन के निर्देश पर डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने सदर अस्पताल गेट के पास संचालित “अपना अल्ट्रासाउंड” में छापेमारी कर भारी अनियमितताओं का खुलासा किया. कार्रवाई के दौरान सेंटर को तत्काल सील कर दिया गया.
छापेमारी में सामने आया कि अल्ट्रासाउंड सेंटर का लाइसेंस वर्ष 2024 तक ही वैध था, लेकिन उसके बाद अब तक न तो लाइसेंस का नवीनीकरण कराया गया और न ही विभाग को इसकी जानकारी दी गई. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस डॉक्टर के नाम पर अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहा था, उनकी करीब दो वर्ष पहले ही मृत्यु हो चुकी है. इसके बावजूद सेंटर धड़ल्ले से चलता रहा.
टीम ने छापेमारी के दौरान एक महिला का अल्ट्रासाउंड करते हुए भी पकड़ा, जिससे यह साफ हो गया कि बिना वैध अनुमति के मरीजों की जांच लगातार की जा रही थी.
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं. सदर अस्पताल और सिविल सर्जन कार्यालय से महज कुछ मीटर की दूरी पर अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर दो वर्षों से संचालित होता रहा, लेकिन विभाग की नजर इस पर नहीं पड़ी.
छापेमारी का नेतृत्व कर रहे डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि अवैध तरीके से अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित किया जा रहा था और लाइसेंसधारी डॉक्टर की मृत्यु के बाद भी सेंटर चलता रहा. उन्होंने कहा कि कार्रवाई करते हुए सेंटर को सील कर दिया गया है. साथ ही फर्जी तरीके से अल्ट्रासाउंड और जांच घर चलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी गई है. स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि ऐसे अवैध संस्थानों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा.
(मोतिहारी से प्रतीक सिंह की रिपोर्ट)
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