Bihar (Motihari): इंडो-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर फेक करेंसी के विरुद्ध मोतिहारी पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए जाली नोट छापने वाले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 3 नेपाली नागरिक और 7 भारतीय शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 25 लाख रुपये की नेपाली फेक करेंसी और 18 हजार रुपये की भारतीय फेक करेंसी के साथ जाली नोट छापने से जुड़े कई उपकरण भी बरामद किए हैं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से इंडो-नेपाल रक्सौल बॉर्डर के रास्ते जाली नोटों की तस्करी में सक्रिय था. हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि सीमा क्षेत्र से होकर जाली नोटों की एक बड़ी खेप की सप्लाई की जा रही है. सूचना मिलते ही मोतिहारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर रक्सौल के एसडीपीओ मनीष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने सीमा क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया.
जांच के दौरान पुलिस ने बाइक सवार दो नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से लगभग 18 हजार रुपये की भारतीय जाली मुद्रा बरामद हुई. पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि जाली नोट सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज इलाके में छापे जा रहे थे. आरोपियों की निशानदेही पर मोतिहारी और सीतामढ़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने मेजरगंज में छापेमारी की. छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक ठिकाने से करीब 25 लाख रुपये की नेपाली जाली मुद्रा बरामद की. इसके साथ ही जाली नोट छापने वाला विशेष कागज, प्रिंटिंग मशीन, स्याही, कटर सहित कई उपकरण भी जब्त किए गए.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री से स्पष्ट है कि यहां जाली नोट छापने का संगठित केंद्र संचालित किया जा रहा था. इस मामले में पुलिस ने मौके से और अन्य स्थानों से कुल 3 नेपाली एवं 7 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है. फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था, जाली नोट किन-किन क्षेत्रों में खपाए गए और इसके तार किन अन्य राज्यों या अंतर्राष्ट्रीय गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं. पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से इंडो-नेपाल सीमा पर फेक करेंसी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आगे भी इस मामले में छापेमारी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
रिपोर्ट- प्रतिक सिंह








