रांची के रहने वाले भारतीय जहाज के कैप्टन राकेश रंजन सिंह का निधन, 18 दिनों से Hormuz समुद्र में फंसा है शिप
इजरायल-ईरान युद्ध की वजह से शिप 'अवाना' पिछले 18 से 20 दिनों से होर्मुज की खाड़ी में ही फंसा हुआ था. इस बीच अचानक कैप्टन राकेश रंजन की तबीयत खराब हो गई और उन्हें हार्ट अटैक आया जिसके बाद उनकी मौत हो गई.

Ranchi Captain Death: पिछले 28 फरवरी से जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग का असर पूरी दुनिया में पड़ रहा है. युद्ध की वजह से स्टेट ऑफ होर्मुज के समुद्र में फंसे शिप 'अवाना' के कैप्टन राकेश रंजन सिंह (47 वर्ष) की मौत हो गई है. वो मूल रुप से बिहार के नालंदा जिला अंतर्गत बिहारशरीफ के निवासी थी. इस समय उनका परिवार झारखंड की राजधानी रांची के अरगोड़ा स्थित वंसुधरा अपार्टमेंट में रहता है. इस खबर की सूचना मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. परिवार के सदस्य सदमे में आ गए हैं.
समुद्र में 18 दिनों तक फंसा रहा शिप
बता दें, इजरायल-ईरान युद्ध की वजह से शिप 'अवाना' पिछले 18 से 20 दिनों से होर्मुज की खाड़ी में ही फंसा हुआ था. इस बीच अचानक कैप्टन राकेश रंजन की तबीयत खराब हो गई और उन्हें हार्ट अटैक आया जिसके बाद उनकी मौत हो गई. कहा जा रहा है कि अघर समय पर उनका इलाज किया जाता तो जान बच सकती थी लेकिन जंग की परिस्थितियों के कारण स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन सुविधाएं उन्हें नहीं मिल सकी.
दुबई में रखा गया शव, नालंदा में होगा अंतिम संस्कार
फिलहाल उनके शव को दुबई के शेख राशिद अस्पताल के मॉर्चरी में रखा गया है और उनके पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने की तैयारी चल रही है. उनके पार्थिव शरीर के पटना एयरपोर्ट पहुंचने के बाद नालंदा जिले के बिहारशरीफ में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. परिजनों के मुताबिक, छुट्टी खत्म होने के बाद कैप्टन राकेश रंजन सिंह ने पिछले महीने 2 फरवरी 2026 को ही शिप 'अवाना' ज्वॉइन किया था, शिप स्टेट ऑफ होर्मुज तेल लेने के लिए गया था और 1 मार्च को तेल लोड करने के बाद वापस भारत के लिए रवाना हुआ था लेकिन युद्ध के प्रभाव से दुबई से करीब 60 KM दूर समुद्र में लंगर डालकर रुकना पड़ा.
18 मार्च को अचानक बिगड़ी तबीयत
अवाना शिप में कैप्टन राकेश रंजन सिंह के साथ करीब 35 स्टाफ सवार थे जो इजरायल-ईरान जंग की वजह से पिछले 18 दिनों से समुद्र में फंसे हुए थे. इस बीच उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा. उन्हें किसी भी प्रकार की नियमित मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैप्टन राकेश रंजन की अचानक 18 मार्च को तबीयत खराब हुई. इस दौरान शिप में मौजूद अधिकारियों ने तुरंत दुबई एटीसी से संपर्क कर एयर एंबुलेंस की मांग की लेकिन युद्ध के असर की वजह से ये अनुमित नहीं दी गई. इसके बाद उन्हें वोट के माध्यम से दुबई तक तक ले जाया गया. लेकिन तबतक काफी समय लगा और वक्त से इलाज नहीं हो पाने की वजह से उनकी हालत और बिगड़ी और अंत में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई.
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