कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक में डीसी सख्त, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वैक्सीनेशन में तेजी लाने के निर्देश
के जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक की। बैठक

Palamu पलामू के जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक की। बैठक में कृषि, आत्मा शासकीय निकाय, पशुपालन, गव्य विकास, सहकारिता, मत्स्य, उद्यान एवं जिला भूमि संरक्षण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने खरीफ मौसम की तैयारियों, बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना, किसान पाठशाला, पशुधन विकास योजनाओं, पशुओं के वैक्सीनेशन अभियान तथा मत्स्य और उद्यान विभाग की योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर किसानों और लाभुकों तक पहुंचना चाहिए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिला पशुपालन पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि जिन लाभुकों को अनुदान की राशि उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन वे योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने पशुओं के टीकाकरण अभियान में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया, ताकि पशुधन को विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।
खरीफ 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में खरीफ फसलों की खेती के लिए 1 लाख 37 हजार 270 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को अनुदानित दर पर धान बीज उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तर से अब तक 2000 क्विंटल बीज आवंटित किया गया है। उपायुक्त ने बीज वितरण और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को खेती के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को केसीसी से जोड़ने का निर्देश दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि विशेष शिविरों के माध्यम से किसानों से केसीसी के आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं और पात्र किसानों को योजना का लाभ देने की प्रक्रिया जारी है।
बैठक में किसान पाठशाला कार्यक्रम के तहत संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न केंद्रों पर फेंसिंग, सोलर पंप, पॉली हाउस, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, मत्स्य पालन तालाब, प्रशिक्षण केंद्र, पशु शेड और अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। उपायुक्त ने इन कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान वेद व्यास योजना और मत्स्य विपणन योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि वेद व्यास योजना के तहत जिले में 35 लाभुकों को लाभान्वित किया जाना है तथा इसके लिए आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। वहीं उद्यान विभाग की समीक्षा में सब्जी एवं पुष्प खेती, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, गृह वाटिका और शेड नेट जैसी योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई।
बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और किसानों एवं लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया।
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