एंबुलेंस खराब, अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं... युवक की मौत के बाद फूटा गुस्सा
गांवा थाना क्षेत्र में बस की टक्कर से घायल युवक की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि सरकारी एंबुलेंस खराब होने और स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन नहीं मिलने से उसकी जान चली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


गिरिडीह: जिले के गांवा थाना क्षेत्र में रविवार को एक सड़क हादसे में एक युवक की जान चली गई। इस घटना के बाद, मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकारी एंबुलेंस खराब थी और स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन की कमी के कारण घायल युवक को बचाया नहीं जा सका। मृतक की पहचान खजिया गांव के पीयूष कुमार के रूप में हुई है।
डीजल लेने जा रहा था युवक
जानकारी के मुताबिक, पीयूष कुमार बाजार से डीजल लेने निकला था। इसी बीच, गांवा-बासोडीह रोड पर उसकी टक्कर एक यात्री बस से हो गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को बुलाने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि सरकारी एंबुलेंस कई दिनों से खराब थी और समय पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद, स्थानीय लोगों ने मिलकर घायल को किसी तरह स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार
बबलू यादव, जो मृतक के परिजन हैं, ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन की सुविधा नहीं थी, और इसी वजह से पीयूष की मौत हुई। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। घटना के बाद, गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, गांवा थाना की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम हटवाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच चल रही है। अगर जांच में परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर सकता है।
(गिरिडीह से मनोज कुमार पिंटू की रिपोर्ट)

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