Bihar (Motihari): मोतिहारी जिले में एक बार फिर पुलिस ने यह साबित कर दिया कि खाकी सिर्फ कानून का पालन ही नहीं कराती, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर जीवन रक्षक की भूमिका भी निभाती है. आदापुर थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाकर रक्सौल के SDPO मनीष कुमार ने मानवता की मिसाल पेश की है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार आदापुर थाना क्षेत्र के अररा गांव निवासी सानू कुमार पासवान (27 वर्ष), पिता सुनील पासवान, मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान रास्ते में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद युवक काफी देर तक सड़क किनारे पड़ा रहा और दर्द से कराहता रहा.
सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि दुर्घटनास्थल से कई राहगीर और वाहन गुजरते रहे, लेकिन किसी ने भी रुककर घायल युवक की मदद करने की पहल नहीं की. यह दृश्य समाज में बढ़ती असंवेदनशीलता और गिरती मानवीय जिम्मेदारी को दर्शाता है.
इसी दौरान रक्सौल के SDPO मनीष कुमार, जो छोड़ादानो थाना से अपने कर्तव्य से लौट रहे थे, की नजर सड़क पर गिरे युवक पर पड़ी. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए SDPO ने बिना एक क्षण गंवाए अपनी गाड़ी रुकवाई और स्वयं घायल युवक को उठाकर वाहन में बैठाया. तत्पश्चात उन्होंने युवक को रक्सौल स्थित एक निजी अस्पताल में तत्काल भर्ती कराया.
अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया. डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने के कारण युवक की जान बच सकी है. फिलहाल घायल युवक खतरे से बाहर है और चिकित्सकीय निगरानी में उसका इलाज जारी है.
इस पूरे घटनाक्रम ने एक ओर जहां SDPO मनीष कुमार की संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय सोच को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर समाज के उस वर्ग पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं, जो किसी जरूरतमंद को संकट में देखकर भी अनदेखा कर देता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर पुलिस अधिकारी की नजर घायल युवक पर नहीं पड़ती, तो परिणाम कुछ भी हो सकता था. इस घटना के बाद क्षेत्र में SDPO मनीष कुमार के इस मानवीय कदम की हर ओर सराहना हो रही है.
रिपोर्ट- प्रतिक सिंह








