पत्नी की हत्या के आरोप में जेल की सजा काट रहा पति...जिंदा पत्नी दिल्ली में अपने प्रेमी संग कर रही मस्ती !
शादी के बाद पत्नी के अपहरण और हत्या के आरोप में पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया. लेकिन पत्नी अपनी प्रेमी संग दिल्ली में इत्मीनान रह रही थी. बताया जा रहा है कि फोन को लेकर विवाद के बाद पत्नी रात 12 बजे घर से निकलकर गायब हो गई थी लेकिन पुलिस ने महिला के मायके वालों के आरोप के बाद पति को हत्या और अपहरण के आरोप में जेल में डाल दिया. लेकिन अब महिला अपने प्रेमी संग पुलिस के हत्थे चढ़ गई है.

Motihari (Bihar): पति-पत्नी के बीच किसी विवाद को लेकर हत्या, पति को छोड़ प्रेमी संग फरार और अपने 3-4 बच्चों को पति के पास छोड़ किसी अन्य अधेड़ या अपने समधन के साथ भागने जैसे मामले लगातार सोशल मीडिया हैंडल में आता रहता है. जो लोगों को हंसा देती है तो कभी रूला भी देती है. लेकिन इस बार एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे जानकर आप भी दंग रह जाएंगे. यह पूरा मामला मोतिहारी जिले का है. इस मामले में अब पुसिस की जांच पर भी सवाल उठ रही है. क्योंकि पुलिस ने एक निर्दोष को पकड़ कर सलाखों के पीछे डालने काम किया है.
आपको बता दें, यह पूरा मामला जिले के अरेराज थाना इलाके का है जहां पुलिस ने रणजीत कुमार नाम के व्यक्ति को अपनी पत्नी गुंजा देवी की अपहरण और हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा. इस दौरान रणजीत की मां पुलिस से लगातार गुहार लगाती रही कि उनका बेटा निर्दोष है और उसने बहू की हत्या नहीं की है बल्कि वह घर से खुद ही कहीं चली गई है और वह जीवित भी है. लेकिन पुलिस...पुलिस ने उनकी एक भी न सुनी और पत्नी के गुंजा देवी के घर से गायब होने के 4 दिन के भीतर ही रणजीत को दोषी मानकर पकड़ लिया और जेल में डाल दिया.
पति ने गुमशुदगी का दिया था आवेदन
दरअसल, यह पूरा मामला जुलाई 3 से शुरू हुआ जब रणजीत कुमार ने खुद अरेराज थाना पहुंचकर पत्नी की गुमशुदगी का आवेदन दिया. आवेदन में उन्होंने बताया कि पत्नी 2 जुलाई की रात करीब 12 बजे घर से निकलकर कहीं चली गई और वापस नहीं लौटी. इस दौरान उसकी काफी खोजबीन की गई लेकिन कहीं भी उसका पता नहीं चल सका. और साक्ष्य के तौर पर घर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराया. उसने पत्नी के घर से गायब होने की सूचना अपने ससुरालवालों को भी दी थी.
मायके वालों ने हत्या का लगाया था आरोप
लेकिन अरेराज की तत्कालीन थानाध्यक्ष विभा कुमारी ने 4 जुलाई को गुंजा देवी की गुमशुदगी का मामला दर्ज किया. वहीं 7 जुलाई को गुजां के मायके वालों ने रणजीत और उसके परिवारवालों पर दहेज के लिए बेटी की हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया और थाना पहुंचकर केस दर्ज करवाया. जिसके बाद पुलिस ने रणजीत को 9 जुलाई को अपनी पत्नी की हत्या और अपहरण के आरोप में उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा.
पुलिस की जांच पर उठ रहे गंभीर सवाल
रणजीत के परिजन पुलिस से दुहाई लगाते रहे कि वह निर्दोष है और बहू जीवित है पर पुलिस कहती कि अगर जिंदा है तो उसे ढूंढ कर लाओ. इसपर परिजन अपने स्तर पर बहू का पता लगाने लगे और जब उन्हें उसका पता चलता तो वे इसकी सूचना पुलिस को दे देते लेकिन वह वहां से भाग जाती थी इसी बीच उन्हें फिर से सूचना मिली कि वह दिल्ली में है जिसके बाद परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी और उसे अरेराज थाना लाने की अपील की. मगर कहा गया कि दिल्ली से लाने का खर्चा भी देना हो और गाड़ी भी उपलब्ध करवानी होगी जिसके बाद परिजनों ने गाड़ी उपलब्ध करवाई और बहू को पकड़कर अरेराज थाना लगा गया. लेकिन अब पुलिस की इस रवैये पर सवाल उठ रही है. कि पुलिस ने मामले में बिना जांच पड़ताल के निर्दोष को पकड़कर जेल में डाल दिया.
पुलिस की लापरवाही से जेल में रह रहा निर्दोष
कोर्ट में रणजीत का केस लड़ रहे वकील पप्पू दुबे ने बताया कि रणजीत को जब अरेस्ट किया गया था तब कोर्ट में बेल के लिए अपील किया गया लेकिन बेल रिजेक्ट कर दिया गया. इसके बाद हाईकोर्ट में अपील की गई. वहीं मामले में केस के आईओ रमेंद्र कुमार द्वारा कोर्ट में जब चार्टशीट दाखिल किया गया तो महिला के मौत का कोई साक्ष्य नहीं दिया गया. इसपर कोर्ट ने एसपी और आईओ को शो कॉज किया. लेकिन इसके बाद पुलिस का नींद खुल गई और पुलिस ने महिला को दिल्ली के नोएडा से उसके आशिक के साथ गिरफ्तार कर लिया और उसे वापस लाया.
2 मार्च को हुई थी शादी
वहीं इस घटना के संबंध में रणजीत के पिता ने बताया कि बेटे रणजीत की शादी 2 मार्च को हिंदू रीति रिवाज से हरसिद्धि थाना क्षेत्र के कृतपुर मठिया के संजय पटेल की बेटी गुंजा देवी से कराई थी लेकिन एक माह बाद वह अपने मायके चली गई. जिसके बाद एक जुलाई को बेटा, लड़की को लेकर घर आया. 2 दिन की रात में दोनों के बीच फोन से बात करने को लेकर कहासुनी हुई. और उसी रात लड़की घर कुंडी बाहर से लगाकर भाग गई. जिसके बाद रणजीत ने थाना पहुंचकर गुमशुदगी का आवेदन दिया था.
परिजनों ने जबरन कराई थी गुंजा की शादी !
बताया जा रहा है कि गुंजा का गांव के ही एक युवक से वर्ष 2023 से प्रेम प्रसंग चल रहा था वह शादी के पक्ष में नहीं थी. इसकी जानकारी उसके परिजनों को भी थी मगर फिर भी उन्होंने गुंजा की जबरन शादी रणजीत से करवा दी. और इधर, गुंजा शादी के बाद भी अपने प्रेमी से फोनपर बात करती थी. फिलहाल पुलिस ने कोर्ट में बयान दर्ज करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
रिपोर्ट- प्रतिक सिंह









