राँची विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आज रिम्स (RIMS) के B.Sc. नर्सिंग और पोस्ट B.Sc. के सैकड़ों छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के नेतृत्व में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक कार्यों को ठप करते हुए मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी।

अव्यवस्था के शिकार बन रहे है छात्र
छात्रों का आरोप है कि उनका शैक्षणिक सत्र पिछले डेढ़ साल से देरी से चल रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि अब तक उनके तीन सेमेस्टर पिछड़ चुके हैं। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि अगले सेमेस्टर के लिए अभी तक परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। छात्रों के अनुसार, सत्र की इस लेत-लतीफी के कारण उनकी डिग्री का भविष्य अब अधर में लटकता नजर आ रहा है। छात्रों ने बताया कि हमने कई बार कॉलेज के प्रिंसिपल से शिकायत की है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है ।
राज्य में बढ़ रही है मेडिकल यूनिवर्सिटी की जरूरत
राज्य में जल्द मेडिकल यूनिवर्सिटी का गठन होने जा रहा है। इसके लिए हाल ही में राज्य सरकार ने घोषणा भी की है। झारखंड मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए वीसी की नियुक्ति भी कर ली गई है और डॉ सुधीर कुमार गुप्ता को वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है। इस यूनिवर्सिटी के बनने से राज्य में मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी राहत होगी और लेट लतीफी के मामलों पर भी लगाम लगेगी ।
छात्रों के भविष्य में छाया गहरा संकट
नर्सिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स में समय की अहमियत काफी ज्यादा होती है। छात्रों का तर्क है कि यदि विश्वविद्यालय जल्द से जल्द परीक्षा फॉर्म भरवाकर पेंडिंग परीक्षाएं आयोजित नहीं करता है, तो उनका चार साल का कोर्स छह साल तक खिंच सकता है, जिससे उनकी करियर प्रोफाइल पर बुरा असर पड़ेगा।
इस घटनाक्रम के दौरान यूनिवर्सिटी के वीसी और एग्जाम कंट्रोलर वहां अनुपस्थित रहे । छात्रों के मांग की सुनवाई भी नहीं हो पाई ।









