झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था का होगा कायाकल्प: एम्बुलेंस के लिए बनेगा AI कंट्रोल रूम, खुलेगा 'अबुआ दवाखाना'
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में एम्बुलेंस सेवाओं के लिए एआई कंट्रोल रूम बनाने, उबर कॉन्सेप्ट पर एम्बुलेंस संचालन और एएनएम-जीएनएम की त्वरित नियुक्ति के साथ कई महत्वपूर्ण सुधारों के निर्देश दिए हैं.

Ranchi, Jharkhand: मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या-214/2026 के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की. इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के कई कड़े निर्देश जारी किए हैं.

एम्बुलेंस सेवाओं के लिए एआई कंट्रोल रूम और उबर कॉन्सेप्ट
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की वर्तमान एम्बुलेंस सेवाओं के संचालन पर नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपातकालीन सेवाओं में तत्काल सुधार के लिए एक 'एआई बेस्ड कॉल सेंटर' (AI based call centre) शुरू करने का प्लान बनाया जाए. दुर्घटना या आपातकाल के समय त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए राज्य भर में ओला और उबर जैसे कॉन्सेप्ट पर एम्बुलेंस नेटवर्क का विस्तार करने की संभावनाओं का अध्ययन करने और इस पर एक हफ्ते के भीतर कार्ययोजना सौंपने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही उन्होंने अस्पतालों से जुड़ी एम्बुलेंस सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की बात कही.
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने भौगोलिक और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों से कहा कि झारखंड के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य समस्याएं अलग हैं. इसलिए विभाग दोनों क्षेत्रों के लिए दो भागों में बांटकर अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करे. ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और शुगर जैसी बीमारियों की आपातकालीन देखभाल के लिए अलग और विशिष्ट व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी. इसके अतिरिक्त, राज्य के सभी नागरिकों और बच्चों का एक विस्तृत 'हेल्थ प्रोफाइल' (Health Profile System) भी तैयार किया जाएगा.
मानव संसाधन और मेडिकल कॉलेजों का विस्तार
अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने एएनएम (ANM) और जीएनएम (GNM) के रिक्त पदों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि मानव संसाधन की कमी के कारण मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए. इसके अलावा, राज्य के मेडिकल कॉलेजों में यूजी (UG) और पीजी (PG) की सीटें बढ़ाने और कोडरमा, बोकारो, चाईबासा, दुमका, जमशेदपुर और हजारीबाग में निर्माणाधीन चिकित्सा महाविद्यालयों के कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए देश के प्रसिद्ध डॉक्टरों को गेस्ट फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया जाएगा.
'अबुआ दवाखाना' की स्थापना और ऑर्गन डोनेशन
ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत देने के लिए राज्य सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना' की स्थापना की जाएगी. इसका संचालन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में होगा, जहाँ एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्ध प्रणालियों की आवश्यक दवाएं एक ही स्थान पर मुफ्त मिलेंगी. इसके साथ ही केरल की तर्ज पर राज्य में ऑर्गन डोनेशन (अंगदान) के प्रति जागरूकता बढ़ाने, ब्लड बैंक की व्यवस्था को ऐप बेस्ड कर पारदर्शी बनाने और सदर अस्पतालों में एयर कूल कांसेप्ट शुरू करने की बात कही गई है. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से जामताड़ा के आम डुमरिया हेल्थ सब सेंटर और गिरिडीह के डुमरी रेफरल अस्पताल की गतिविधियों का सीधा जायजा भी लिया.
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