Maiya Samman Yojana: झारखंड मु्ख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के लिए सरकार की तरफ से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. दरअसल, राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. जिसमें मंईयां सम्मान योजना की लाभुक महिलाओं को छोटे व्यवसाय के लिए 20,000 रुपए का लोन दिया जाएगा, वो भी बिना किसी गारंटी के. यानी उन्हें लोन (ऋण) लेने के लिए किसी गारंटी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.
राज्य की हेमंत सरकार चाहती है कि राज्य की महिलाएं आर्थिक रुप से मजबूत हो, और वे खुद पर आत्मनिर्भर हो. आपको बता दें, शनिवार, 7 फरवरी 2026 को वित्त विभाग और राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक हुई जिसमें झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की महिलाओं को बिना गारंटी के लोन के मुद्दे पर सैद्धांतिक सहमति बनी. बैंकर्स समिति की तरफ से भी इसपर सहमति जताई गई. इसके तहत अब राज्यभर की मंईयां योजना की लाभुक महिलाओं को लोन मिल सकेगा. चाहे, एक परिवार में कितनी भी महिलाओं क्यों न हों, बैंक उन्हें लोन देगा.
महिलाओं के उद्यमी बनने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
बता दें, बैठक में बनी सहमति के अनुसार, बैंक को ऋण वापस करने की पूरी गारंटी राज्य सकार देगी. इस संबंध में वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लोन लेने के पश्चात अगर उसकी वापसी में किसी तरह की परेशानी होती है तो ऐसे समय में मंईयां योजना की लाभुक महिलाओं के खाते में प्रत्येक माह भेजे जाने वाले 2500-2500 से उन्हें पैसे वापसी करने में आसानी होगी.
बैठक इस विषय पर भी चर्चा की गई कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए महिलाओं को उद्यमी बनाने की आवश्यकता है. इसके महिलाओं को छोटे व्यवसाय करने के लिए राज्य के अलग-अलग बैंकों से लोन के रुप में अधिकतम 20,000 रुपये देने से राज्य की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी. इस दौरान वित्त विभाग और एसएलबीसी के वरीय पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे. आपको बता दें, राज्यभर में 18 से 50 साल (उम्र) के बीच की कुल 51 लाख से महिलाओं को झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ मिलता है. प्रत्येक महीने सरकार इस योजना के लाभुकों को करीब 1250 करोड़ रुपये दे रही हैं.
बैठक के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य की महिलाओं को आर्थिक रुप से सशक्त बनाना सरकार का उद्देश्य है. लोन की सहायता राशि को छोटे व्यवसाय के लिए पूंजी के रुप में परिवर्तन कर उन्हें उद्यमी बनाया जा सकता है. इस योजना को आगामी 8 मार्च को यानी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को औपचारिक करने का प्रस्ताव रखा गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भी इस योजना पर सहमति है. इसे लेकर उनसे भी विचार-विमर्श किया जाएगा.
वित्त विभाग के प्रतिनिधि और राज्यस्तरीय बैंक समिति की तरफसे बैठक करके लोन वापसी करने की समय सीमा का निर्धारण किया जाएगा. हालांकि वित्त मंत्री ने 12 से 24 महीने (1 से 2 साल) का समय तय करने और कम दस्तावेज पर लाभुकों को ऋण उपलब्ध कराने का आग्रह किया है. योजना के तहत यह प्रस्तावित भी किया गया है कि लाभुक द्वारा अगर समय सीमा के अंतर ऋण वापसी किया जाता है तो व्यवसाय का भौतिक सत्यापन करने के उपरांत ऋण सीमा में वृद्धि करते हुए 50,000 रुपए तक किया जा सकता है. वहीं, योजना के लिए ब्याज दर KCC के मानकों के अनुरूप रखने का विचार किया गया है.
योजना के तहत लोन लेने की प्रक्रिया को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सरल और सस्ती रखने साथ ही सिर्फ आधार कार्ड को अनिवार्य दस्तावेज के रुप में शामिल करने को कहा है इसके अलावा वित्त मंत्री ने आवेदन जमा होने के 7 दिनों क भीतर से सभी तरह की प्रक्रियाओं पूरी करने का आग्रह बैंकों से किया. बैठक में यह भी तय हुई कि आवेदनकर्ताओं के आग्रह 10 रुपये के रेवेन्यू स्टैंप पर ऋण की राशि दी जा सकती है.








