Jharkhand Tender Scam: झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के 'टेंडर कमीशन घोटाले' में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ED ने अब करीब एक दर्जन यानी 12 इंजीनियरों को पूछताछ के लिए तलब किया है. इनमें EE (कार्यपालक अभियंता), AE (सहायक अभियंता) और JE (कनीय अभियंता) स्तर के अधिकारी शामिल हैं. सभी को ED ने अलग-अलग तारीखों पर रांची स्थित क्षेत्रीय ED कार्यालय बुलाया है.
मामले में मंत्री सहित 22 लोगों को ईडी ने भेजा था जेल
चार्जशीट के मुताबिक, टेंडर राशि का 3.2% कमीशन लिया जाता था, जिसमें मंत्री को 1.5% और शेष इंजीनियरों को मिलता था. मामले में कार्रवाई करते हुए ईडी ने पहले ही 32 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे. इसके अलावे पूर्व मंत्री सहित कुल 22 लोगों को जेल भेजा था.
मामले में तथ्य हासिल कर रही ईडी !
मामले में ईडी जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है कि ग्रामीण विकास विभाग में भ्रष्टाचार का एक गहरा सिंडिकेट द्वारा काम किया जा रहा था. एजेंसी को यह पुख्ता जानकारी भी हासिल हुई है कि ठेकेदारों से टेंडर प्रक्रिया के दौरान मोटी रकम वसूली जाती थी और उस रकम को रसूखदारों और ऊपर बैठे बड़े अफसरों तक भी पहुंचाया जाता था.
हालांकि, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे ? किसे, कितना पैसा मिलता था इस पूरे संबंध में ईडी अब तथ्य हासिल करने की कोशिश कर रही है. जिससे इस पूरे मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ जांच करते हुए ईडी कार्रवाई कर सकें.
रिपोर्ट- तनय खंडेलवाल









