UP (LUCKNOW): लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के जलालपुर चौकी दोंदा खेड़ा में 24 दिसंबर को दो सगी बहनों ने जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या कर ली. वजह थी उनके यहां पले कुत्ते की बीमारी. दोनों बहनें जिसको लेकर सदमे में थी और डिप्रेशन में चली गई थी.
पहले बड़ी बहन राधा ने फिनायल पी लिया, जिसके बाद छोटी बहन जिया ने भी फिनायल पी लिया. जिसके बाद परिवार के लोगों द्वारा दोनों बहनों हॉस्पिटल ले जाया गया. जहां इलाज के दौरान दोनों बहनों ने दम तोड़ दिया. इस तिहरे सदमे से परिवार पूरी तरह बिखर गया है और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है.
छोटे भाई की मौत के बाद से थी डिप्रेशन में
परिजनों के अनुसार, जर्मन शेफर्ड नस्ल का टोनी परिवार का सिर्फ पालतू नहीं, बल्कि एक सदस्य की तरह था. बहनों का टोनी से बेहद गहरा लगाव था. वे दोनों ग्रेजुएट थीं और घर में ही रहती थीं. पिछले कई वर्षों से दोनों मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) से जूझ रही थीं. परिवार में पहले से ही दुखों का सिलसिला चल रहा था - छोटे भाई की ब्रेन हेमरेज से मौत हो चुकी थी, पिता गंभीर रूप से बीमार हैं. ऐसे में टोनी ही उनका सबसे बड़ा सहारा था.
कुत्ते के चले जाने का था डर
टोनी पिछले एक महीने से अधिक समय से गंभीर रूप से बीमार था. कई डॉक्टरों से इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका. बहनों को डर था कि टोनी उन्हें छोड़कर चला जाएगा. इसी सदमे और डिप्रेशन में उन्होंने बुधवार को फिनायल पीकर खुद की जान ले ली.
दोनों के जाने के बाद कुत्ते की भी हो गई मौत
मां गुलाबी देवी को मामले की खबर मिलते ही दोनों लड़कियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बड़ी बहन राधा की मौत हो चुकी थी और जिया ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मरते वक्त बहनों ने मां से आखिरी फरियाद की थी. "हमारे जाने के बाद टोनी को घर से मत भगाना, उसकी दवा कराते रहना". बहनों की मौत के बाद टोनी और ज्यादा सुस्त हो गया था. उसने खाना-पीना लगभग छोड़ दिया था. परिवार के सदस्यों का कहना है कि टोनी बहनों की मौत का गम बर्दाश्त नहीं कर पाया. शनिवार सुबह उसकी हालत बिगड़ी और कुछ ही घंटों में उसने भी दम तोड़ दिया.









