धनबाद सीबीआई ने गिरिडीह सीजीएसटी आयुक्त और इंस्पेक्टर को घूस लेते रंगे हाथ दबोचा
गिरिडीह में धनबाद सीबीआई ने सीजीएसटी आयुक्त और इंस्पेक्टर को 50 हजार घूस लेते रंगे हाथ दबोचा है.

Giridih / Jharkhand (Report By- Manoj Kumar Pintu): गिरिडीह में बीती देर रात धनबाद सीबीआई की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने केंद्रीय सीमा शुल्क उत्पाद विभाग में जीएसटी के आयुक्त बुद्धेश्वर सुंडी और जीएसटी इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को 50 हजार घूस लेते रंगे हाथ दबोचा है. धनबाद सीबीआई के डीएसपी रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में करीब 15 अधिकारियों की टीम ने बुधवार को गिरिडीह के जीएसटी आयुक्त कार्यालय में दबिश दी थी.
छापेमारी के दौरान टीम ने जीएसटी आयुक्त बुद्धेश्वर सुंडी और इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को गिरिडीह के बिरनी स्थित खाती गांव निवासी राजू अंसारी से 50 हजार घूस लेते दबोचा. हालांकि बिरजू ने 90 हजार की मांग की थी. लेकिन जीएसटी अधिकारियों को मानमनौवल के बाद लेनदेन 65 हजार में तय हुआ. बुधवार को पहले राजू अंसारी कार्यालय पहुंचा जहां उसने सीबीआई एसपी भंवरलाल मीणा के निर्देश पर आयुक्त के कहने पर 50 हजार का लिफाफा इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को दिया. इसके बाद सीबीआई के डीएसपी रघुनाथ कुमार सक्रिय हुए. और दोनों को 50 हजार के लिफाफे के साथ दबोचा.
जानकारी के अनुसार, राजू अंसारी ने मामले की सूचना माले नेता राजेश सिन्हा दी थी जिसके बाद राजेश सिन्हा ने सीबीआई से संपर्क किया. जिसके बाद सूचना मिलते ही बुधवार सुबह धनबाद सीबीआई की टीम शहर के बरमसिया रोड स्थित जीएसटी कार्यालय में सर्च ऑपरेशन के लिए पहुंची और इस दौरान टीम ने देर शाम दोनों अधिकारियों घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. इसके साथ ही उनके बिहार के नालंदा और जमशेदपुर के आवास पर भी छापेमारी की.

मामले की सूचना देते हुए राजू अंसारी ने बताया कि आयुक्त और इंस्पेक्टर बिरजू कुमार दोनों मिलकर ऑफिस में एक सिंडिकेट चलाते थे, और इसका हिस्सा एक आउटसाइडर अनीस कुमार था. और अनीश ने ही राजू अंसारी को इन अधिकारियों से संपर्क कराया था. राजू अंसारी ने बताया कि वह बिरनी में सरकारी योजनाओं में ईंट-बालू और गिट्टी आपूर्ति का काम किया करते हैं और इसी का जीएसटी बिल को लेकर पिछले तीन साल से उसे तीन करोड़ का बिल भेजा गया.
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जीएसटी कार्यालय से खरीद बिक्री का इनवॉइस बिल को लेकर इसी महीने 90 लाख का बिल भुगतान के नाम पर नोटिस आया. जिससे वे परेशान हो गए, इस संबंध में जब उसने इंस्पेक्टर बिरजू कुमार से संपर्क किया. तो बिरजू ने आयुक्त बुद्धेश्वर सुंडी से मिलाया. इस बीच आयुक्त ने अनीस से संपर्क करने का सुझाव दिया. इसके बाद मामले को कम में निपटाने के लिए 65 हजार से बोली शुरू हुआ. और अंत में 50 हजार में डील फाइनल हुआ.
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