पलामू में अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कसेगा शिकंजा, डीसी ने दिए सख्त निर्देश
पलामू उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में पीसी एवं पीसीपीएनडीटी (प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स) एक्ट के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।

Medininagar Palamu उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में पीसी एवं पीसीपीएनडीटी (प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स) एक्ट के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की स्थिति, उनके पंजीकरण तथा कानून के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बिना पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड केंद्रों का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई केंद्र अवैध रूप से संचालित होता पाया जाता है तो उसकी मशीन को तत्काल सील करते हुए संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त ने कहा कि सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट तथा पीसीपीएनडीटी एक्ट के सभी प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिले के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर "लिंग भ्रूण जांच अपराध है" से संबंधित जागरूकता बोर्ड एवं पोस्टर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। इसके अलावा केंद्रों पर डॉक्टर का नाम, योग्यता और मरीजों को देखने का समय स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि आम लोगों को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र में प्रसव पूर्व लिंग जांच, भ्रूण लिंग निर्धारण या कन्या भ्रूण हत्या जैसी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग अथवा जिला प्रशासन को दें। ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट का उद्देश्य बेटियों की सुरक्षा और समाज में लिंगानुपात को संतुलित बनाए रखना है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुलोचना मीणा, सिविल सर्जन डॉ. अनिल, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. असीम, जिला सलाहकार समिति की सदस्य इंदुलेखा भगत, नीलम होरो समेत समिति के अन्य सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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