Chatra: सिस्टम की लापरवाही ने ली बेजुबान की जान: प्यास बुझाने निकला हिरण कटीले तारों में फंसाकर रह गया
चतरा के एक गांव में हिरण की जान चली जाती है. भीषण गर्मी के मारे अपनी प्यास बुझाने की खातिर भटकते हुए हिरण कंटीले तारों में फंस जाता है.

Jharkhand (Chatra): चतरा के कान्हाचट्टी स्थित सिमरडीह गांव में सिस्टम की बेरुखी ने एक मासूम हिरण की जान ले ली. भीषण गर्मी के बीच प्यास बुझाने के लिए जंगल से भटककर गांव की ओर आए हिरण की, खेतों में लगे कटीले तारों में फंसने से दर्दनाक मौत हो गई.
स्थानीय ग्रामीणों ने इसे वन विभाग की घोर लापरवाही करार देते हुए कहा कि यदि जंगलों में पानी की व्यवस्था होती, तो बेजुबान गांव का रुख नहीं करता. सूचना मिलते ही कोलहिया राजपुर वन प्रक्षेत्र की टीम ने शव को कब्जे में लिया. वन क्षेत्र पदाधिकारी अजीत राम ने बताया कि हिरण का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा होगा. मौके पर वनरक्षी अवधेश कुमार, आशीष लाल समेत अन्य कर्मी मौजूद रहे.
फिलहाल, इस घटना से ग्रामीणों में भारी रोष है और वे प्रशासन से जंगलों में पानी के पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं.
भारत में कस्तूरी मृग की स्थिति
भारत में कस्तूरी मृग (Kasturi Mrig) की स्थिति काफी चिंताजनक मानी जाती है. यह एक दुर्लभ और महत्वपूर्ण वन्यजीव है, जो मुख्यतः हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है. भारत में इनकी वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसे IUCN की लिस्ट में Endangered (संकटग्रस्त) श्रेणी में रखा गया है. भारत में ये मुख्यत: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में पाए जाते हैं.
बता दें कि इनकी संख्या लगातार घट रही है, ऐसे में इस तरह से इनका मारा जाना बेहद चिंताजनक घटना है.
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