Bihar (Mothari): मोतिहारी सदर अस्पताल परिसर में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी और दूरगामी परियोजना की शुरुआत होने जा रही है. राज्य सरकार की पहल पर यहां 23.75 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड वाले अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण किया जाएगा. निर्माण कार्य इसी माह से आरंभ होगा. जिसमें गंभीर मरीजों के इलाज से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
इस परियोजना का क्रियान्वयन बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के माध्यम से किया जा रहा है. निर्माण एजेंसी ने अस्पताल परिसर में चिन्हित स्थल को टिन की चादरों से घेरकर निर्माण क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया है, जिससे निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए. प्रशासनिक स्तर पर शिलान्यास की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य तेज गति से शुरू किए जाने की तैयारी है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, भवन निर्माण सहित इससे जुड़े सभी सिविल और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को इस वर्ष के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
लगातार बढ़ते मरीजों का दबाव, नई व्यवस्था की जरूरत
सदर अस्पताल न केवल मोतिहारी बल्कि आसपास के प्रखंडों और सीमावर्ती जिलों के मरीजों के लिए भी प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में गंभीर मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं. मौजूदा संसाधनों के बावजूद हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटना, ट्रॉमा, सेप्सिस और अन्य क्रिटिकल मामलों में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पटना या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर करना पड़ता है. इससे इलाज में देरी होती है और मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों पर आर्थिक व मानसिक बोझ भी बढ़ता है.
बेड क्षमता बढ़ने से रेफरल पर लगेगा अंकुश
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एस. एन. सत्यार्थी ने बताया की वर्तमान में सदर अस्पताल में मॉडल अस्पताल, मदर-चाइल्ड हॉस्पिटल और पीकू हॉस्पिटल संचालित हैं, लेकिन गंभीर मरीजों के लिए समर्पित क्रिटिकल केयर सुविधा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी. नए क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण के बाद अस्पताल की कुल बेड क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और गंभीर मरीजों को जिले में ही उच्चस्तरीय इलाज उपलब्ध हो सकेगा. इससे रेफरल की संख्या में बड़ी कमी आने की उम्मीद है.
IPHS मानकों पर आधारित हाई-टेक क्रिटिकल केयर यूनिट
प्रस्तावित क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के अनुरूप किया जाएगा. यहां मरीजों के लिए 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, आधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों से लैस आईसीयू, हाई-टेक ऑपरेशन थियेटर, डायलिसिस सुविधा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, लेबर डिलीवरी रूम तथा संक्रमण नियंत्रण के लिए आइसोलेशन वार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
फ्लोर-वाइज चिकित्सा सुविधाओं की होगी व्यवस्था
भूतल पर मरीजों के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर, प्रतीक्षा कक्ष, चार बेड का आपातकालीन वार्ड, चार बेड का मातृ एवं शिशु कक्ष तथा दो बेड का लेबर डिलीवरी रूम (LDR) बनाया जाएगा. प्रथम तल पर दो बेड की डायलिसिस यूनिट और दो बेड का आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया जाएगा. द्वितीय तल पर 16 बेड वाला अत्याधुनिक आईसीयू, दो हाई-टेक ऑपरेशन थियेटर तथा चार बेड का प्री एवं पोस्ट ऑपरेटिव रिकवरी वार्ड बनाया जाएगा.
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा नया आधार
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक के शुरू होने से सदर अस्पताल की भूमिका केवल प्राथमिक या द्वितीयक इलाज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह अस्पताल एक मजबूत जिला-स्तरीय रेफरल और मल्टी-स्पेशलिटी केंद्र के रूप में विकसित होगा. समय पर गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिलने से मृत्यु दर में कमी आने की भी उम्मीद जताई जा रही है. परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह क्रिटिकल केयर ब्लॉक न केवल मोतिहारी बल्कि पूरे पूर्वी चंपारण जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा.
रिपोर्ट- प्रतिक सिंह









