JHARKHAND(RANCHI): झारखंड के स्टार कलाकारों से सजी नागपुरी फ़िल्म 'सेरेंग' अब दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार है. इस फ़िल्म का पहला वर्ल्ड प्रीमियर भारत के चर्चित फ़िल्म फेस्टिवल ‘बेंगलुरु अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव’ में 30 जनवरी से लेकर 6 फ़रवरी तक होने वाला है. कर्नाटक सरकार की ओर से आयोजित इस फ़िल्म फेस्टिवल में दुनिया भर से लगभग 100 बेहतरीन फ़िल्मों का चयन किया गया है. झारखंड की नागपुरी भाषा में बनी इस फ़िल्म का चयन 'अनसंग इनक्रेडेबल इंडिया - लिटल नोन लैंग्वेज' के अंतर्गत हुआ है. इस फ़िल्म की कहानी को जमशेदपुर के वरिष्ठ साहित्यकार जयनंदन ने लिखा है. जिसका स्क्रीनप्ले एवं निर्देशन एनपीके ने किया है. आकाश यादव और रोशन रॉबर्ट कुजूर इस फ़िल्म के निर्माता हैं. इस फ़िल्म का निर्माण श्रेया इंटरनेशनल फ़िल्म प्रोडक्शन, आभा फ़िल्मस क्रिएशन एवं कट9 प्रोडक्शन, पाहन स्टूडियो एवं श्याम शक्ति प्रोडक्शन के सहयोग से हुआ है. फ़िल्म की शूटिंग ओरमांझी, राँची एवं खूँटी में हुई है. यह एक आदिवासी लड़की, माघी मुंडा और सेराज अंसारी नामक मुस्लिम लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक बैंड में काम करते हैं.

मुख्य भूमिका में विवेक नायक व नितेश कच्छप
फ़िल्म में मुख्य किरदार के तौर पर झारखंड के दो बड़े स्टार विवेक नायक और नितेश कच्छप हैं. विवेक नायक ने सेराज अंसारी का किरदार निभाया है, तो नितेश कच्छप ने संदीप मुंडा का अभिनय किया है. इसके अलावा काजल मुंडू ने आदिवासी नेता जयमंगल बड़ाईक, समीर सलीब मिंज ने निरसा मुंडा और सलोमी तिर्की ने नगमा ख़ातून की भूमिका निभाई है. फ़िल्म की मुख्य अभिनेत्री श्वेता प्रजापति हैं, जो शबाना आज़मी की छत्रछाया में पली-बढ़ी हैं.

एनपीके की दूसरी फ़िल्म है ‘सेरेंग’
सिमडेगा जिले के एनपीके पुरुषोत्तम की यह दूसरी फीचर फ़िल्म है. इससे पहले उन्होंने दहलीज़ नामक नागपुरी फ़िल्म बनाई थी, जो 2022 में आई थी और उसे सिनेमाघरों में खूब पसंद किया गया था. सेरेंग उनकी दूसरी फ़िल्म है. सेरेंग का मतलब मुंडारी भाषा में चट्टान होता है एवं संथाली में गीत. यह फ़िल्म नागपुरी के अलावा संथाली, खोरठा और हिंदी में भी बनी है.
रिपोर्ट : निलय सिंह









