गिरिडीह में Trench काटने पहुंची टीम पर ग्रामीणों का हमला, JCB क्षतिग्रस्त, पुलिस ने संभाला मोर्चा
गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड क्षेत्र में वन विभाग की टीम ट्रेंच काटने पहुंची थी, जिसका ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया. वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. मामला बढ़ने पर पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा. अधिकारियों ने बताया कि इससे ग्रामीणों को क्या लाभ होंगे.

Jharkhand (Giridih): गिरिडीह के तिसरी प्रखंड अंतर्गत गुमगी पंचायत के लेवड़िया टांड़ में बुधवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब वन विभाग द्वारा ट्रेंच कटाई के लिए पहुंची जेसीबी मशीन पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया. पथराव की घटना में जेसीबी मशीन क्षतिग्रस्त हो गई. हालांकि चालक बाल-बाल बचा.
"वर्षों से करते आ रहे हैं खेती"
पिछले कई दिनों से वन विभाग द्वारा गुमगी मौजा के लेवड़िया टांड़ सहित विभिन्न मौजा में ट्रेंच काटने का कार्य किया जा रहा है, जिसका स्थानीय ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे थे. ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस जमीन पर खेती करते हैं, पूरा परिवार खेती पर आश्रित है, यदि इस तरह से हमलोग की खेती की जमीन छीन ली जाए, तो हम परिवार का जीवन यापन, भरण पोषण कैसे करेंगे.
बनाया गया था एक शिष्ट मंडल
गांवा वन क्षेत्र पदाधिकारी रेंजर अनिल कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा वनभूमि को अतिक्रमण कर वहां के लोग खेती कर रहे थे और ना ही उनके पास जमीन के कोई कागजात हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वे कोर्ट से स्टे ऑर्डर भी लाकर नहीं दिया. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि पिछले दिनों ट्रेंच काटने को लेकर ग्रामीणों के द्वारा इसका विरोध किया गया था. जिसके बाद गुमगी के ग्रामीणों द्वारा 5 लोगों का शिष्ट मंडल बनाया गया था. बीते मंगलवार को वन प्रमंडल कार्यालय में बैठक भी हुई थी. जिसमें आपसी समझौता हुआ कि जिस वन भूमि में किसान लोग खेती कर रहे हैं उसमें आम का पेड़ लगाया दिया जाएगा, जिसका सारा देखरेख ग्रामीण ही करेंगे. ग्रामीण आम का व्यवसाय भी कर पाएंगे. इससे उनके आय में भी वृद्धि होगी.
जेसीबी पर कर दिया ग्रामीणों ने पथराव
बुधवार को ट्रेंच काटने गई जेसीबी मशीन पर सैकड़ों ग्रामीणों ने पथराव कर दिया, जिससे जेसीबी कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गई. इस दौरान जिला परिषद रामकुमार राउत से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि पिछले दिन वन पदाधिकारी के साथ बैठक हुई थी और समझौता भी हुआ था. लेकिन हमलोगों ने वन प्रभारी को बताया था कि हमलोग बुधवार शाम को ग्रामीणों के साथ बैठक कर निर्णय लेंगे. फिर वन विभाग को अपनी बात से अवगत कराएंगे. उसके बाद वन विभाग ट्रेंच काट सकते हैं.
पुलिस ने पाया स्थिति पर काबू
इधर घटना की सूचना मिलते ही तिसरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति पर नियंत्रण पाया. वहीं क्षतिग्रस्त जेसीबी को तिसरी बिट कार्यालय लाया गया. रेंजर अनिल कुमार ने बताया कि घटना की सूचना वरीय पदाधिकारी को दे दी गई है.
ट्रेंच क्या होता है?
ट्रेंच (Trench) का अर्थ आमतौर पर जमीन में खोदी गई एक लंबी, संकरी और गहरी खाई या नाली होता है. यह सैन्य सुरक्षा (खंदक), निर्माण कार्य (पाइपलाइन के लिए), या समुद्र के अंदर (गर्त) पाई जाने वाली एक प्राकृतिक या कृत्रिम भौगोलिक संरचना है, जो चौड़ाई से अधिक गहरी होती है.
Report: Manoj Kumar Pintu, Anand Burnwal
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