Khunti (Jharkhand): देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज झारखंड के खूंटी जिला स्थित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली गांव उलिहातू पहुंचे. इस दौरान उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें देश के महान स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए उनके योगदानों को याद किया. उपराष्ट्रपति के भगवान बिरसा की धरती पर आने से पूरे इलाके में गर्व का माहौल देखने को मिला. खूंटी दौरा के दौरान उपराष्ट्रपति के साथ उपसभापति हरिवंश, झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी उपस्थित रहे. 
मौके पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि भारत के उपराष्ट्रपति का पद संभालने के बाद झारखंड की धरती पर भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू आना उनके लिए बेहद भावुक और खास पल है. उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन, संघर्ष और बलिदान आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है. हमेशा से उनके विचार और बलिदान को याद रखा जाएगा.
उपराष्ट्रपति ने उस पल को भी याद किया जब उन्होंने झारखंड के राज्यपाल के रुप में शपथ ग्रहण की थी और उसी दिन वे भगवान बिरसा मुंडा के पैतृक गांव उलिहातू पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि वह अनुभव आज भी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 नवंबर को प्रत्येक वर्ष “जनजातीय गौरव दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय देश के लिए गर्व का विषय है. जनजातीय समाज की विरासत और योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर इससे बड़ी पहचान मिली है.
उपराष्ट्रपति ने बिरसा मुंडा के वंशजों से की मुलाकात
अपने खूंटी दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भगवान बिरसा मुंडा के वंशजों और परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की. उनके उलिहातू आगमन पर स्थानीय लोगों ने पारंपारिक तरीके से उनका स्वागत किया. लोगों ने ''जोहार'' के साथ उनका स्वागत किया गया जिससे कार्यक्रम और भी खास बन गया. उपराष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. भारी संख्या में पुलिस बल के जवानों को इलाके में तैनात किया गया था. जो हर प्रकार की गतिविधियों पर अपनी कड़ी नजर बनाए हुए थे. उलिहातू में आयोजित उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ.









