Ranchi News: राजधानी रांची में अपराधियों के हौसले इन दिनों लगातार बुलंद होते जा रहे हैं अपराधी दिनदहाड़े कभी किन्नरों से मारपीट, कभी सड़क चलते महिलाओं से चेन छिनतई तो कभी राहगीरों को तेज रफ्तार से रौंद डालने जैसे वारदात को अंजाम दे रहे हैं. अगर आप भी राजधानी रांची में रहते हैं तो जरा संभल कर रहें, क्या पता कब ,किधर से कोई गाड़ी आकर आपको अपनी चपेट में ले लें.... हम आपको डरा नहीं रहें, बल्कि आगाह कर रहें है क्योंकि राजधानी रांची में सड़क पर चलते लोगों को इन दिनों तेज रफ्तार लगातार अपनी चपेट में ले रही है. और ऐसी ही एक ताजा खबर राजधानी के चुटिया थाना क्षेत्र से सामने आई है जहां बुधवार देर रात एक बेकाबू थार ने सड़क किनारे खड़े करीब 6 लोगों को रौंद दिया. इतना ही नहीं...लोगों को रौंदने के बाद थार रुकने के बजाय रफ्तार पकड़कर वहां से भागने लगी.
सिंह मोड़ निवासी धर्मेंद्र कुमार के रूप हुई मृतक की पहचान
थार की चपेट में आए 6 लोगों में से एक की मौत हो गई. मृतक की पहचान हटिया स्थित सिंह मोड़ निवासी धर्मेंद्र कुमार (40 वर्ष), पिता- रिटायर्ड दरोगा रामाश्रय शर्मा के रूप में हुई है. जो मोबाइल टावर लगाने से जुड़ी एक निजी कंपनी में कार्यरत था. जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र को गंभीर हालत में हॉस्पिटल पहुंचाया गया था जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. हादसे में 5 लोग घायल हुए है जिनमें से 2 की हालत गंभीर है. बताया जा रहा है कि हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी को अस्पताल पहुंचाया गया जहां इलाज के दौरान धर्मेंद्र ने दम तोड़ दिया. फिलहाल उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए RIMS भेजा गया है.
गृह प्रवेश कार्यक्रम में पहुंचे थे दोनों
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार, 11 फरवरी 2026 की देर रात थार मालिक सह चालक अतुल सिंह उर्फ अतुल चड्डा और मृतक धर्मेंद्र कुमार दोनों साउथ रेलवे कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर के पास मुनचुन सिंह के House Blessing (गृह प्रवेश) कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ. इसके बाद अतुल वहां से निकलकर चला गया. वहीं कुछ देर बाद कार्यक्रम से धर्मेंद्र कुमार बाहर आया जिसके बाद वह सड़क किनारे खड़ा था. तभी अचानक रेलवे स्टेशन की तरफ से तेज रफ्तार से अतुल तेज थार चलाते हुए आया और उसने धर्मेंद्र को जोरदार टक्कर मारी. जिससे धर्मेद्र सड़क के दूसरे तरफ फेंका गया. इस घटना को अंजाम देकर अतुल भागने लगा, और इसी बीच उसने सड़क किनार खड़े कई अन्य लोगों को कुचलते हुए पार हो गया. इस घटना में धर्मेंद्र को गंभीर हालत में इलाज के लिए हॉस्पिटल पहुंचाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
किसी बात पर विवाद के बाद अतुल ने दिया घटना को अंजाम
इधर, इस संबंध में मृतक धर्मेंद्र कुमार के पिता रिटायर्ड दरोगा रामाश्रय शर्मा ने चुटिया थाना पहुंचकर बेटे की हत्या का मामला दर्ज कराया है. वहीं, पुलिस को घटना के संबंध में जानकारी देते हुए धर्मेंद्र के पिता ने बताया कि वे लोग पहले कृष्णापुरी इलाके में ही रहते थे. इसलिए मुनचुन, अतुल सहित कई लोगों से जान पहचान और दोस्ती थी. बीती रात मुनचुन सिंह का गृह प्रवेश कार्यक्रम था. हमलोगों को भी निमंत्रण मिला था. बेटा भी गृह प्रवेश में गया हुआ था. इसी दौरान बेटा और अतुल के बीच किसी बात में बहस हो गया. उसके बाद अतुल ने घटना को अंजाम दिया है. चुटिया पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी अतुल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल आगे को कार्रवाई जारी है.
घटना को अंजाम देकर हजारीबाग की ओर भाग रहा था अतुल
बताया जाता है कि घटना के बाद एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर सिटी एसपी पारस राणा ने सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम गठित कर थाना प्रभारी पूनम कुजूर सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों के साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की थी. इसी बीच एसएसपी को सूचना मिली थी कि आरोपी गाड़ी लेकर हजारीबाग की ओर आरोपी भाग रहा है. जिसके बाद पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अतुल को दबोच लिया.
बीते दिनों एक स्कोर्पियों ने पुलिस को रौंदने की कोशिश !
पुलिस के मुताबिक, घटना को अंजाम देकर व्यक्ति मौके से फरार हो गया. शुरूआती जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वह डोरंडा की तरफ भागा. हालांकि चुटिया पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रह ही है. पुलिस द्वारा स्टेशन रोड, नेपाल हाउस और दूसरे प्रमुख रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग चेक की जा रही है. और शहर के अलग-अलग हिस्सों में वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है. इधर, इस घटना के बाद कॉलोनी में लोगों के बीच आक्रोश का माहौल है.
आपको बता दें, बीते दो दिन पहले भी राजधानी की सड़कों पर दो मनचलों ने एक किन्नर के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की और उसके बाद भागते हुए एक युवक को रौंद दिया था. मामले की सूचना पर कार्रवाई के लिए जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मनचलों ने पुलिस पर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की थी. इतना ही नहीं उन अपराधियों को दबोचने के लिए पुलिस रातभर पकड़म-पकड़ी खेल खेलती रही. और उनपर 9 राउंड गोलियां भी चलाई इस दौरान गाड़ी के टायर पर भी गोली चलाई, तब जाकर पुलिस उन्हें पकड़ सकी.









