जयराम के दो नेता आजसू में शामिल; सिर्फ नाराजगी, या कोई गहरी खामोश हलचल!
झारखंड की सियासत में अचानक आए इस उलटफेर के पीछे क्या सिर्फ नाराजगी थी, या कोई गहरी खामोश हलचल चल रही थी? डुमरी विधायक जयराम महतो को बड़ा झटका देने वाले इन दो नेताओं के आजसू में शामिल होने से राजनीतिक गलियारों में नए रहस्य और अटकलें तेज हो गई हैं.

JHARKHAND (RANCHI): डुमरी विधायक जयराम महतो को बड़ा झटका देते हुए उसके दो करीबी नेताओं ने आज पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो का नेतृत्व स्वीकार करते हुए आजसू पार्टी का दामन थाम लिया. जेएलकेएम की केंद्रीय महासचिव रजनी रवानी और केंद्रीय सचिव प्रदीप महतो ने आज धनबाद जिले के कतरास में आयोजित मिलन समारोह में आजसू में शामिल होने की घोषणा की. सुदेश महतो एवं सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने पार्टी में उनका स्वागत किया.

आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने इस मौके पर कहा कि हेमंत सरकार में विजन और रोडमैप का अभाव है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 2047 तक विकसित भारत बनायेंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोलते हैं कि 2050 तक विकसित झारखंड बनाएंगे. देश से तीन वर्ष पीछे क्यों चलना चाहते हैं मुख्यमंत्री. युवा शक्ति को एकजुट होकर झारखंड में बदलाव के लिए एक बड़ी लड़ाई की तैयारी करनी होगी.

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने झारखंड को 25 वर्ष पीछे कर दिया है. उन्होंने कहा कि जब वह पथ निर्माण मंत्री थे तो झारखंड की पहचान सड़कों से बनी थी. आज जनता बदहाल है और सरकार जश्न मना रही है.

सुदेश महतो ने कहा कि सरकारी संरक्षण में कोयला और बालू की तस्करी हो रही है. विस्थापितों को हक नहीं मिल रहा. युवाओं को 10 लाख नौकरी कही नजर नहीं आ रही. अभी जिन शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटा गया उनका वेतनमान 25,000 रुपए कम कर दिया गया है. एससी, एसटी, ओबीसी छात्रों को दो वर्ष से छात्रवृत्ति नहीं मिल रही. वे सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं.
मंच पर उपस्थिती
इस मौके पर मंच पर मांडू विधायक निर्मल महतो, पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर, महासचिव संजय मेहता, सुभाष रवानी, अजय सिंह, बबीता देवी, यशोदा देवी, विभा सिंह, संतोष महतो, स्वीन महतो, टिकैत महतो, नवीन महतो, प्रमोद चौरसिया समेत कई नेता उपस्थित रहे. धनबाद जिलाध्यक्ष मंटू महतो ने मंच का संचालन किया.
विस्थापितों की लड़ाई लड़ेगी आजसू : चंद्रप्रकाश चौधरी
सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि कोयलांचल में सरकार, प्रशासन और माफिया की मिलीभगत से विस्थापितों का दमन किया जा रहा है. आजसू अंतिम दम तक उनकी लड़ाई लड़ेगी.
सुदेश ही दे सकते हैं नेतृत्व: प्रदीप महतो
इस मौके पर आजसू में आए जेएलकेएम के पूर्व केंद्रीय सचिव प्रदीप महतो ने कहा कि वह आज अपने पुराने घर में वापसी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह झांसे में भटक कर जेएलकेएम में चले गए थे. सुदेश महतो ही राज्य को सही नेतृत्व दे सकते हैं.
जेएलकेएम की केंद्रीय महासचिव रह चुकी रजनी रवानी ने कहा कि वह जेएलकेएम में अपमानित हो रही थीं. वहां महिलाओं की कद्र नहीं है. आंदोलन की सौदेबाजी होती है. आजसू में आकर सम्मानित महसूस हो रहा है.









