हाथ-पैर में झनझनाहट, चक्कर और बाल झड़ना..., शरीर के ये संकेत किस कमी की ओर करते हैं इशारा?
हाथ-पैर में झनझनाहट, चक्कर, थकान, कमजोरी और बाल झड़ने जैसे लक्षण विटामिन B12, आयरन, विटामिन D या जिंक की कमी से जुड़े हो सकते हैं। जानें किन टेस्ट और खाद्य पदार्थों से मदद मिल सकती है।

Vitamins and Minerals: शरीर को स्वस्थ रखने और रोजमर्रा के काम ठीक तरह से करने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इनमें विटामिन और मिनरल्स भी बेहद जरूरी हैं। ये शरीर के अलग-अलग कामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, इनकी जरूरत हर व्यक्ति में उम्र, खानपान और शरीर की स्थिति के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।
कई बार खानपान सही नहीं होने या दूसरी वजहों से शरीर को जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते। अगर यह कमी लंबे समय तक बनी रहे तो शरीर के सामान्य कामकाज पर असर पड़ सकता है।
थकान और कमजोरी को समझें शरीर का संकेत
कई लोग लगातार थकान, कमजोरी या शरीर में होने वाले दूसरे बदलावों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में ये पोषक तत्वों की कमी से जुड़े संकेत भी हो सकते हैं।
Cleveland Clinic के अनुसार, विटामिन B12 की कमी होने पर थकान, कमजोरी और हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन जैसी समस्या हो सकती है।
वहीं आयरन की कमी में थकान, कमजोरी, चक्कर आना और त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
बाल झड़ने से लेकर हड्डियों के दर्द तक
विटामिन D की कमी होने पर हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द या कमजोरी महसूस हो सकती है। दूसरी ओर, जिंक की कमी से बाल झड़ने और घाव भरने में देरी जैसी समस्या हो सकती है।
इसके अलावा कैल्शियम, मैग्नीशियम, फोलेट और विटामिन C जैसे पोषक तत्वों की कमी भी शरीर को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, इन कमियों के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं।
खास बात यह है कि ऐसे कई लक्षण दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर खुद से किसी विटामिन या मिनरल की कमी मान लेना सही नहीं है।
कमी का पता लगाने के लिए कौन-से टेस्ट होते हैं?
विटामिन और मिनरल्स की कमी का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट सबसे आम तरीकों में से एक है। डॉक्टर आपके लक्षण और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को देखते हुए तय करते हैं कि किन पोषक तत्वों की जांच जरूरी है।
उदाहरण के लिए, जरूरत पड़ने पर विटामिन D और विटामिन B12 के स्तर की जांच की जा सकती है। आयरन की कमी का पता लगाने के लिए आयरन और उससे जुड़े दूसरे स्तरों की जांच की जाती है।
इसलिए बिना जांच के खुद से सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है।
डाइट में इन चीजों को करें शामिल
विटामिन और मिनरल्स की जरूरत पूरी करने के लिए खानपान में अलग-अलग तरह की चीजों को शामिल करना जरूरी है। फल और सब्जियों के अलावा दालें, बीन्स, साबुत अनाज, नट्स और सीड्स को डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
इसके साथ अंडे, मछली और डेयरी प्रोडक्ट्स भी कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं। अलग-अलग तरह के खाद्य पदार्थ खाने से शरीर को विभिन्न विटामिन और मिनरल्स मिल सकते हैं।
सप्लीमेंट लेने में न करें जल्दबाजी
हर व्यक्ति को विटामिन या मिनरल्स के सप्लीमेंट की जरूरत नहीं होती। अगर किसी पोषक तत्व की कमी की आशंका है तो पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
बिना जरूरत या जरूरत से ज्यादा मात्रा में कुछ विटामिन और मिनरल्स लेना भी नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए सही कमी का पता लगाने के बाद ही विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी बीमारी या पोषक तत्वों की कमी का निदान केवल लक्षणों के आधार पर न करें। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
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