ट्रेन में तिल रखने की जगह नहीं, ‘भेड़-बकरियों की तरह सफर’ करने को मजबूर यात्री, ट्रैक पर बैठे रोकी ट्रेन
नवादा से पटना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में सोमवार सुबह भारी भीड़ के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेन में केवल आठ बोगियां होने से नाराज यात्रियों ने बरबीघा में ट्रेन रोककर रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन किया और अतिरिक्त कोच लगाने की मांग की।


शेखपुरा/बरबीघा। नवादा से शेखपुरा और बरबीघा होते हुए पटना जाने वाली पैसेंजर एक्सप्रेस ट्रेन में सोमवार सुबह यात्रियों की भारी भीड़ के कारण अफरातफरी की स्थिति बन गई। ट्रेन में खड़े होने तक की जगह नहीं मिलने से नाराज यात्रियों ने बरबीघा में ट्रेन रोककर रेलवे ट्रैक पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान यात्रियों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
यात्रियों का कहना था कि ट्रेन में लगातार कोच की संख्या को लेकर अस्थिरता बनी हुई है। कभी ट्रेन में 12 बोगियां लगाई जाती हैं तो कभी इनकी संख्या घटाकर आठ कर दी जाती है। सोमवार को यात्रियों की संख्या काफी अधिक होने के बावजूद ट्रेन में केवल आठ बोगियां होने से समस्या और बढ़ गई।
आठ बोगियों में उमड़ी भारी भीड़
सुबह ट्रेन के बरबीघा पहुंचने तक यात्रियों की संख्या इतनी अधिक हो गई कि कई यात्रियों को बैठने तो दूर, ठीक से खड़े होने की जगह भी नहीं मिल सकी। यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें अत्यधिक भीड़ के बीच सफर करने को मजबूर होना पड़ा। कुछ यात्रियों ने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए कहा कि ट्रेन के अंदर हालात बेहद खराब थे और उन्हें बेहद असुविधाजनक स्थिति में यात्रा करनी पड़ी।
ट्रेन में जगह नहीं मिलने से नाराज यात्रियों ने बरबीघा में ट्रेन रोक दी। इसके बाद कई यात्री रेलवे ट्रैक पर बैठ गए और रेलवे प्रशासन के खिलाफ विरोध जताने लगे। प्रदर्शन कर रहे यात्रियों ने मांग की कि ट्रेन में यात्रियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त कोच लगाए जाएं और कोच की संख्या में बार-बार कटौती नहीं की जाए।
कभी 12 तो कभी 8 बोगियों का आरोप
यात्रियों का आरोप है कि इस रूट पर चलने वाली पैसेंजर ट्रेन में कभी 12 बोगियां लगाई जाती हैं, जबकि कभी इसे घटाकर आठ कर दिया जाता है। यात्रियों के मुताबिक, जब ट्रेन में पहले से ही भारी भीड़ रहती है, तब कोच की संख्या कम किए जाने से परेशानी कई गुना बढ़ जाती है।
यात्रियों ने रेलवे से मांग की कि नियमित रूप से पर्याप्त संख्या में बोगियां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक सफर मिल सके।
विरोध कर रहे यात्रियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। यात्रियों का कहना था कि चुनाव के दौरान रेलवे सुविधाओं और ट्रेन सेवा को लेकर कई तरह के आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन यात्रियों की वास्तविक समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना था कि रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी और अन्य यात्री इस ट्रेन से सफर करते हैं। ऐसे में यात्रियों की संख्या के अनुरूप ट्रेन की क्षमता बढ़ाना जरूरी है।
पुलिस के समझाने के बाद रवाना हुई ट्रेन
ट्रेन रोके जाने और यात्रियों के ट्रैक पर बैठने की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे यात्रियों से बातचीत की और उन्हें समझाकर शांत कराया। इसके बाद यात्रियों का विरोध समाप्त हुआ और ट्रेन को पटना के लिए रवाना किया गया।
फिलहाल यात्रियों की मुख्य मांग ट्रेन में पर्याप्त कोच उपलब्ध कराने और कोच की संख्या नियमित रखने की है। यात्रियों का कहना है कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में भी भीड़ और परेशानी की स्थिति बनी रह सकती है। रेलवे की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
(बरबीघा से रंजन कुमार की रिपोर्ट)

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