पानी में बहते-बहते बेहोश हो गया था युवक!, टंडवा पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा, सुरक्षित निकाले गए तीन लोग
चतरा के टंडवा में गेरुआ नदी के उफान में दो बाइक समेत तीन युवक बहने लगे। पुलिस और ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर तीनों को सुरक्षित निकाला, एक युवक अस्पताल में भर्ती हुआ।

Chatra: चतरा जिले के टंडवा स्थित गेरुआ नदी में अचानक आए उफान और तेज बाढ़ ने स्थानीय आपदा प्रबंधन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। नदी पर बने अस्थायी पीपा पुल को पार करने के दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन युवक पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। पानी का दबाव इतना ज्यादा था कि दोनों बाइकें देखते ही देखते नदी की तेज धार में बह गईं। गनीमत यह रही कि टंडवा थाना पुलिस और मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ और त्वरित मदद से तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
डूबने से बेहोश हुए युवक को पुलिस जवानों ने बचाया, अस्पताल में भर्ती
हादसे के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार रामगढ़ के दो युवक किसी तरह तैरकर सुरक्षित किनारे तक पहुंच गए, लेकिन टंडवा के उड़सू निवासी संजय पासवान नदी के गहरे पानी और तेज लहरों में फंस गए। पानी में लगातार डूबने और दम घुटने की वजह से संजय मौके पर ही बेहोश हो गए। हालात बिगड़ते देख टंडवा पुलिस के जांबाज जवानों ने बिना वक्त गंवाए तत्परता दिखाई और पानी में उतरकर संजय को सुरक्षित बाहर निकाला। जवानों ने तत्काल उन्हें टंडवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया, जहां चिकित्सकों के प्राथमिक उपचार के बाद अब उनकी स्थिति पूरी तरह खतरे से बाहर और सामान्य बताई जा रही है।
500 मीटर दूर NTPC बैराज, फिर भी नदारद रही बचाव टीम
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने वाली बात यह रही कि घटनास्थल से महज 500 मीटर की दूरी पर एनटीपीसी (NTPC) का बड़ा बैराज मौजूद है। इसके बावजूद घटना के वक्त वहां से कोई भी आधिकारिक रेस्क्यू या बचाव दल मौके पर नहीं पहुंचा। अगर समय रहते स्थानीय ग्रामीण और टंडवा पुलिस के जवान सक्रिय नहीं होते, तो एक बेहद दुखद अनहोनी हो सकती थी।
नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुल पार न करने की अपील
घटना के बाद टंडवा थाना प्रभारी पप्पू कुमार शर्मा ने आम जनता और राहगीरों से सतर्क रहने की सख्त अपील की है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है, ऐसे में उफनती नदी या जलमग्न पीपा पुल को पार करने का जानलेवा जोखिम बिल्कुल न उठाएं। उन्होंने लोगों से सुरक्षित रास्तों का इस्तेमाल करने और प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।
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