Bihar (Bhojpur Ara): जम्मू-कश्मीर के डोडा में शहीद हुए जवान हरेराम कुंवर (38 वर्ष) का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह तिरंगे में लिपटा उनके गांव पहुंचा. जैसे ही तिरंगे में लिपटा शव घर के आंगन में पहुंचा, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक उठीं.
पत्नी खुशबू अपने पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूट कर रो पड़ीं. रोते हुए उन्होंने अपने सुहाग से कहा, 'मैं आपके भरोसे घर संभाल रही थी... आपने वादा किया था कि हमेशा मुझे संभालोगे.'
खुशबू ने सेना के एक अधिकारी का हाथ पकड़कर कहा,'मेरे बच्चे लावारिस हो गए हैं. अब ये कैसे पढ़ेंगे? इनकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा? आपने धोखा क्यों दिया. मैं बच्चों को अकेले कैसे पालूंगी? 'उनकी चीख-पुकार ने वहां मौजूद हर किसी को भावुक कर दिया. वहीं, शहीद की मां बार-बार बेहोश हो जा रही है. पिता का कहना है कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है. शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
जम्मू-कश्मीर के डोडा में गुरुवार (22 जनवरी 2026) दोपहर एक ऑपरेशन के लिए जाते समय जवानों की बुलेटप्रूफ कैस्पर गाड़ी करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गई थी. इस हादसे में भोजपुर के हरेराम समेत 10 जवान शहीद हो गए. हम जैसे ही शहीद जवान के घर पहुंचे. बाहर पिता बदहवास बैठे दिखाई दिए. पत्नी और मां भी बेसुध थे. उन्हें शहादत की खबर नहीं दी गई थी. जवान की पत्नी ने भास्कर रिपोर्टर को देखते ही सवाल किया- वो जिंदा तो हैं ना. कब तक लौटेंगे.
रिपोर्टर को पहले ही परिवार ने बता दिया था कि अभी पत्नी और मां को शहादत की खबर नहीं दी गई है. इसलिए, रिपोर्टर ने शहीद की पत्नी से कहा, वो ठीक हैं. कुछ चोट आई है. जल्द आ जाएंगे.
रिपोर्टर- आशीष कुमार








