नक्सली पति पत्नी सहदेव और नताशा के एनकाउंटर के पीछे की चौंकाने वाली कहानी
रांची:झारखंड के हजारीबाग चतरा बॉर्डर पर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए चार नक्सलियों के पीछे की कहानी चौंकाने वाली है।इस एनकाउंटर में नक्सली दंपति के एनकाउंटर के साथ ही उस इलाके में नक्सलियों का वर्चस्व समाप्त हो गया है।

Jharkhand (Ranchi): झारखंड पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शुक्रवार को उस समय सफलता मिली जब 15 लाख इनामी समेत चार नक्सली पुलिस की गोलियों से ढेर हो गए। तत्कालीन आईजी ऑपरेशन डॉ माइकल राज एस ने बताया कि इस नक्सली दस्ते का वर्चस्व चतरा से लेकर हजारीबाग इलाके में था। इस एनकाउंटर में मारे गए 15 लाख इनामी सहदेव महतो और नताशा पति पत्नी थे। पुलिस ने खुलासा किया कि पैसे की लालच में नक्सली पति पत्नी का दस्ता एक्टिव था।
आईजी सीआरपीएफ साकेत कुमार सिंह ने बताया कि सहदेव ने 9 दिसंबर 2014 को चाईबासा जेल ब्रेक की घटना को अंजाम दिया था। उसके साथ साथ 15 नक्सली फरार हो गए थे।वहीं सहदेव महतो की पत्नी नताशा महाराष्ट्र के घोर नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली की रहने वाली थी।उसे झारखंड भेजा गया था। उसने संगठन में रहते हुए ही सहदेव महतो से शादी की थी।
झारखंड के पारसनाथ,लुगु झुमरा,हजारीबाग और चतरा जैसी इलाकों में महज पैसों की लालच में ही नक्सली संगठन दहशत फैला रहा है। यह दस्ता नक्सली विचारधारा से अलग सिर्फ लेवी वसूलने में लगा है। मारे गए नक्सली लेवी वसूलने के मकसद से ही निकले और पुलिस से मुठभेड़ में मारे गए।
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

IPS गौरव गोस्वामी ने लिया रांची के ग्रामीण एसपी रूप में पदभार..ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधी नियंत्रण और महिला सुरक्षा प्राथमिकता... पतरातू के एसडीपीओ रहे गौरव गोस्वामी

गुमला के बसिया में सड़ीगली अवस्था में मिला शव, 12 दिन से लापता था युवक, इलाके में सनसनी







