'ओल चिकी' शताब्दी सामारोह में राष्ट्रपति की गौरवमयी उपस्थिति, लोगों ने कहा यह क्षण बेहद अभूतपूर्व
साल 2025 के अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुरमू का यह झारखंड दौरा बेहद विशेष मौकों में से एक है. आज, 29 दिसंबर को, उन्होंने जमशेदपुर में ओल चिकी लिपि के शताब्दी समारोह में भाग लिया. वहीं 30 दिसंबर को राष्ट्रपति एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गुमला का दौरा करेंगी.

President Jharkhand Visit: ऑल चिकि लिपि भाषा के 100 साल पूरे होने के अविस्मरणीय अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुरमू ने भी समारोह में शिरकत की. शताब्दी समारोह के समापन समारोह में भारत के महामहिम राष्ट्पति द्रोपदी मुर्मू के भाषण सुनने के बाद आदिवासी समाज के मुख्य लोगों ने कहा आज का दिन उनके लिए काफी गर्व और खुशी का पल था.

वहीं करंडीह दिशोम जाहेर थान परिसर में ऑल इंडिया संथाली राइटर्स एसोसिएशन और करंडीह दिशोम जाहेर थान कमिटी के द्वारा संयुक्त रूप से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था. जहां देश के हर कोने से आदिवासी समाज के प्रमुख लोग कार्यक्रम में शामिल हुए. वहीं महामहिम राष्ट्पति द्रोपदी मुर्मू के अलावा झारखण्ड के राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,भी मजूद रहें. वहीं राष्ट्पति द्रोपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के उत्थान के लिए सभी लोगों का योगदान बेहद आवश्यक है. साथ ही महामहिम ने संथाली भाषा में गाना भी गाया, जिससे संथाली समाज के लोग और उत्साहित नजर आए.

"जनसामान्य को मिले आपकी शिक्षा का लाभ"
अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल ऊंची इमारतों या शक्तिशाली अर्थव्यवस्था के निर्माण से पूरा नहीं होगा, बल्कि एक ऐसे समाज के निर्माण से होगा जिसमें अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के पास भी अवसर की समानता और गरिमापूर्ण जीवन जीने की सुविधा हो. आपकी शिक्षा और ज्ञान को तभी सफल माना जाएगा जब उसका लाभ जन-सामान्य तक पहुंचे.
पंडित रघुनाथ मुर्मू के पोते चुनियन रघु मुर्मू और करंडीह जाहेर थान के अध्यक्ष सी.आर माझी, मुखिया संघ के अध्यक्ष कान्हू मुर्मू आदि की भी इस दौरान उपस्थिति थी. लुघूबुरु घंटा के सुरेन्द्र टुडू ने कहा कि आज का दिन काफी यादगार रहा. उन्होंने कहा कि राष्ट्पति का संबोधन सुनकर हमलोग काफी खुश हुए, उनके जीवन यात्रा से लोगों को काफी प्रेरणा मिलती है देश के लिए अपने क्षेत्र में कुछ अच्छा करने की. साथ ही कई साहित्यकारों को राष्ट्पति के हांथो सम्मानित भी किया गया.
30 दिसंबर को राष्ट्रपति का गुमला दौरा
बता दें कि 29 दिसंबर करीब शाम 5:30 बजे राष्ट्रपति का आगमन रांची में हो चुका है. अपने 62 वाहनों के काफिले के साथ माननीय राष्ट्रपति जमशेदपुर से रांची आ चुकी हैं. उनका रात्रि विश्राम स्थल लोक भवन (राजभवन) होगा. फिर अगले दिन सुबह राष्ट्रपति विमान से बिलासपुर के लिए रवाना होंगी. जहां से सड़क मार्ग से 20-25 किलोमीटर की यात्रा कर गुमला पहुंचेंगी. जिसके बाद 30 को शाम दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी.
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