जल-जंगल-जमीन को मजबूती देने वाला PESA Act कैबिनेट द्वारा स्वीकार्य, 39 अन्य प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
झारखंड कैबिनेट मंत्रियों की हुई आज बैठक में पेसा कानून को मंजूरी मिल गई है. ग्रामीण सभा को जल, जंगल, जमीन से संबंधित कई मामलों में स्वतंत्र निर्णय लेने की स्वतंत्रता प्रदान करती है. इसके अलावा कुल 39 प्रस्तावों को कैबिनेट मीटिंग में स्वीकृति प्राप्त हो गई है.

JHARKHAND (RANCHI): सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज, मंगलवार को, एक कैबिनेट की मीटिंग की गई. जिसे झारखंड के ग्रामीण परिप्रेक्ष्य में ऐतिहासिक माना जा रहा है. दरअसल वर्षों से अटके हुए पेसा (Panchayats Extension to Scheduled Areas) कानून को वर्तमान सरकार की कैबिनेट द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है. कैबिनेट की इस स्वीकृति में कुछ संसोधनों को भी मंजूरी दी गई है.
हालांकि इस स्वीकृति के बाद अभी विधानसभा पर बहस होगी. विधानसभा से पास होने के बाद केंद्रीय संसद द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद ही यह राज्य में लागू हो सकेगा.
क्या है पेसा कानून?
पेसा (PESA) कानून 1996 में केंद्र द्वारा पारित अधिनियम है. जो अनुसूचित क्षेत्रों (आदिवासी बहुल क्षेत्र) में रहने वाले जनजातीय समुदायों को स्वशासन का अधिकार प्रदान करता है. उन्हें अपनी परंपराओं, संस्कृति और संसाधनों (जल, जंगल, जमीन) के प्रबंधन में ग्राम सभाओं के माध्यम से सशक्त बनाता है, ताकि वे अपने विकास के निर्णय स्वयं ले सकें और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा कर सकें.
बता दें कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा से संबंधित लोक प्रचलित गायक मधु मंसूरी ने लिखा व अपनी आवाज से संवारा है. जिन्हें 2020 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है. जिसके बोल इस प्रकार हैं - गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं.. माय माटी छोड़ब नहीं, लड़ाई छोड़ब नहीं..
लागू होने से क्या आएगा बदलाव?
पेसा कानून के माध्यम से अब पंचायतों को जमीन और खनिजों पर अधिक नियंत्रण मिलेगा. ग्राम सभा अपने क्षेत्र में खनन कार्यों पर नियंत्रण के अलावा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएगी. इसके अलावा वन भूमि के प्रबंधन और उससे जुड़े अहम निर्णय में भी ग्राम सभा को कई महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त होंगे.
कैबिनेट द्वारा पेसा को स्वीकृति मिलने के अलावा कुल 39 प्रसतावों पर भी मुहर लगा दी गई है. जिसमें सबसे अहम पेसा एक्ट को ही माना जा रहा है. बैठक में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया. इसके तहत 38 नए पदों का सृजन किया गया है, जिस पर लगभग 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय होगा. मंत्रिपरिषद ने दुमका में 7 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 31 करोड़ रुपये तथा जमशेदपुर में सड़क निर्माण के लिए 41 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की. टेक होम राशन योजना के अंतर्गत सामग्री आपूर्तिकर्ता की अवधि बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया.
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