जहानाबाद के पतियामा में NEET छात्रा के परिजनों से मिले सांसद, कहा- न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक उठायेंगे आवाज
पटना के हॉस्टल में NEET छात्रा के साथ हुई हृदयविदारक घटना को लेकर जहानाबाद के सांसद डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद यादव पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे. शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्होंने घटना की पूरी जानकारी ली. इस दौरान वे भावुक हो उठे.


जहानाबाद के पतियामा में NEET छात्रा के परिजनों से मिले सांसद, कहा- न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक उठायेंगे आवाज
BIHAR (JAHANABAD) : जहानाबाद के पतियामा गांव की बेटी के साथ पटना के हॉस्टल में हुई हृदयविदारक घटना को लेकर जहानाबाद के सांसद डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद यादव पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे. शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्होंने घटना की पूरी जानकारी ली. इस दौरान वे भावुक हो उठे. सांसद ने कहा कि इस घटना से केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा जहानाबाद जिला मर्माहत और शोकाकुल है.
‘दोषियों की पहचान कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाना सभी की जिम्मेदारी’
उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इसमें शामिल दोषियों की पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं. अब जब सच्चाई सामने आ चुकी है, तो सरकार और प्रशासन का दायित्व बनता है कि इस जघन्य कृत्य में रत्ती भर भी शामिल प्रत्येक व्यक्ति को चिन्हित कर कानून के कठघरे में खड़ा किया जाए.

‘न्याय के लिए सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगे आवाज’
सांसद डॉ. यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाएंगे. उन्होंने राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यह कहते हैं कि 2005 से पहले महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल पाती थीं, लेकिन आज हालात यह हैं कि महिलाएं अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार यह दावा करती है कि न तो किसी को फंसाया जाता है और न ही बचाया जाता है, तो फिर अब तक इस मामले में दोषियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई.
‘50 लाख मुआवजा व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे सरकार’
उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे नारों पर पुनर्विचार किया जाए. सांसद ने कहा कि इस दर्दनाक घटना की क्षतिपूर्ति संभव नहीं है, लेकिन न्याय के रूप में सरकार को पीड़िता के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करनी चाहिए.
‘न्याय नहीं मिला, तो छोड़ देंगे राजनीति’
सांसद ने पीड़ित परिजनों को भरोसा दिलाया कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो वे राजनीति छोड़कर खेती-बाड़ी में लग जाएंगे. मामले में ग्रामीणों ने भी प्रशासन से त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है.
रिपोर्ट : वरूण कुमार

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