Delhi Red Fort Blast
बीते 10 नवंबर को हुए लाल किले के समीप आतंकी हमले में मारे गए बेगुनाहों की शिनाख्त बहुत मुश्किल से हो पाई. तत्काल मारे गए 8 लोगों की जानकारी के अनुसार कोई रिक्शा चालक थे, कोई किसी दुकान में काम करने वाले घर के इकलौते काम करने वाले.
- नौमान अंसारी (21) - शामली में एक दुकानदार, अपने परिवार में इकलौते कमानेवाले थे.
- मोहसिन मलिक (35) - ई. रिक्शा ड्राइवर, रिश्तेदारों ने बताया कि बहुत ढूंढने पर मंगलवार 2 बजे सुबह उन्हें मोहसिन के बारे में पता चला.
- लोकेश अग्रवाल (60) - अमरोहा के फर्टिलाइजर व्यापारी, इनके भाई ने बताया कि अपने दोस्तों से मिलने जा रहे हैं - कहकर सोमवार सुबह घर से निकले थे. ऐसा हो जाएगा ये हमनें कभी नहीं सोचा था.
- अशोक कुमार (34) - DTC कंडक्टर, रिश्तेदार ने कहा कि अशोक की पहचान शव से नहीं की जा सकी. शव की पहचान इनके DTC कार्ड के जरिए संभव हो पाई.
- दिनेश कुमार (36) - एक शादी के दुकान में कर्मचारी, इनके भाई ने बताया कि दिनेश को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल वे सुबह 3 बजे तक ढूंढते रह गए. तब जाकर शवगृह से शव का पता लगा.
- पंकज सैनी (22) - ओला कैब ड्राइवर, पंकज के पिता ने बताया कि परिवार ने सोचा कि पंकज इस दुर्घटना में शामिल नहीं थे, तभी टीवी पर एक कार की तस्वीर दिखी और वो पंकज की ही थी.
- मोहम्मद जुम्मान खान (35) - ई. रिक्शा ड्राइवर, इनके चाचा मौत की दर्दनाक कहानी बयान की - बताया कि जुम्मान का शव बहुत बुरी हालत में मिला. शरीर का पूरा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका था. वही एक पैर उनके शरीर पर था ही नहीं.
- अमर कटारिया (34) - फार्मासिस्ट और थोक विक्रेता, अमर के पिता ने बताया कि उनके शरीर पर तीन टैटू बने हुए थे, जिससे उनकी शिनाख्त हो पाई. "Mom my first love", "Dad my strength", और "Kriti" लिखे हुए तीन टैटू से परिवार ने शव की पहचान की.









